विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी 3 से 5 नवंबर तक प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्राएं निकालेगी। इस अभियान के जरिए बीजेपी प्रबुद्ध वर्गों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देगी।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा ने विपक्ष को राजनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर घेरने की रणनीति तेज कर दी है। पार्टी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में तीन से पांच नवंबर तक लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान के तहत पदयात्राएं निकालेगी। इनके जरिये विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए जा रहे सवालों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच अपनी बात रखी जाएगी। साथ ही, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध वर्ग की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश होगी।
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प्रदेश भाजपा मुख्यालय में सोमवार को अभियान की प्रदेश टोली की बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सांविधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर दोहरे मानदंड अपना रहा है। भाजपा पदयात्राओं के माध्यम से जनता के बीच जाकर विपक्ष के विरोध का जवाब देगी।
सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों पर रहेगा जोर
धर्मपाल सिंह ने बताया कि पदयात्राओं में पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मोर्चा-प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं के अलावा संत-महात्मा, व्यापारी, शिक्षक, अधिवक्ता, चिकित्सक और सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। अभियान में राष्ट्रीय एकता, सांविधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों पर जोर रहेगा।
बैठक में प्रदेश महामंत्री व अभियान संयोजक दिलीप पटेल ने तैयारियों की जानकारी दी। आयोजन और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए टोली सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। सह संयोजक व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका सिंह रावत, नीरज सिंह, संजय राय, राम प्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य और अभिजात मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। युवा मोर्चा, मीडिया, सोशल मीडिया और क्षेत्रीय इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इन शहरों में निकलेंगी पदयात्राएं
तीन नवंबर : अवध क्षेत्र-लखनऊ में।
चार नवंबर : काशी क्षेत्र-प्रयागराज, गोरखपुर क्षेत्र-गोरखपुर और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र-कानपुर में।
पांच नवंबर : पश्चिम क्षेत्र-गाजियाबाद और ब्रज क्षेत्र-बरेली में।