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मिशन 2019 के लिए भाजपा तैयार कर रही 'स्पेशल यंग टीम' आज से ट्रेनिंग शुरू

Fri, 28 Apr 2017 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह - फोटो : Getty
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लोकसभा चुनाव में भले ही अभी दो वर्ष का वक्त हो, पर भगवा टोली के रणनीतिकारों को उस चुनाव में अभी से भगवा झंडा बुलंद रखने की फिक्र सताने लगी है। इसीलिए पार्टी ने चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने का फैसला किया है।
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इसके लिए सवा सौ से ऊपर युवाओं की टुकड़ी तैयार की जाएगी, जो अगले महीने से जिलों में मोर्चा संभाल लेंगे। विस्तारक के रूप में ये पूर्णकालिक कार्यकर्ता एक तरह से पार्टी नेतृत्व की आंख और कान का काम करेंगे।

छोटे जिलों में एक और बड़े जिलों में दो विस्तारक नियुक्त किए जाएंगे। उन जिलों में भी दो विस्तारक तैनात होंगे जहां लोकसभा की दो सीटें हैं।

वैसे तो इनकी तैनाती फिलहाल एक वर्ष के लिए करने का फैसला किया गया है, पर सूत्रों के मुताबिक, ये सभी लोकसभा चुनाव तक यह काम संभालेंगे। संभव यह भी है कि पार्टी इन्हें स्थायी रूप से यही काम सौंपकर इनसे जिलों में एक तरह से संगठन मंत्रियों का काम लेना शुरू कर दे।
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अब नहीं गिना पाएंगे सपा व बसपा की कमियां

अखिलेश यादव व मायावती
दरअसल, भगवा टोली के रणनीतिकारों को पता है कि इस बार उनकी भूमिका बदली होगी। उनके पास न तो कांग्रेस के काम को कारनामे बताकर हमला बोलने का मौका होगा और न सपा सरकार के जनविरोधी कामों को निशाना साधकर लोगों को लामबंद करने की सुविधा।

बसपा के घोटालों पर सूबे की सरकार की चुप्पी को मुद्दा बनाकर सपा और बसपा तथा कांग्रेस की साठगांठ को लोगों की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराने का अवसर भी नहीं होगा।

अगर कुछ होगा तो सिर्फ केंद्र और प्रदेश सरकार के काम। पहले की सरकारों और भाजपा के शासन की रीति-नीति के फर्क। इसके अलावा चुनाव का ठीक प्रबंधन।

भाजपा के सामने चुनौती यह भी

दरअसल, भगवा टोली के सामने लोगों को गैर भाजपा सरकार और भाजपा सरकार के कामकाज में बदलाव महसूस कराने की भी चुनौती है, जिससे चुनाव के दौरान यह बताने के तार्किक आधार रहें कि उन्होंने अमुक परिवर्तन करके दिखाए हैं। यह काम तभी हो सकता है कि जब नीचे तक सही संवाद हो। समस्याओं के समाधान पर तत्काल निर्णय हो।

जनता को यह भरोसा रहे कि पार्टी का कार्यकर्ता उनकी समस्या का समाधान कराने में सक्षम है। यह तभी संभव है कि जब कोई ऐसा माध्यम रहे जो कार्यकर्ताओं की बात को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा सके और सरकार से संवाद करके समाधान निकाला जा सके। विस्तारक के रूप में तैनात होने वाले ये कार्यकर्ता इसी भूमिका का निर्वाह करेंगे।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक भी कहते हैं कि समस्याओं का समाधान सिर्फ संवाद से हो सकता है। पार्टी अब सत्ता में है, पर भाजपा उन दलों में नहीं है जो सत्ता पाने के बाद सामाजिक सरोकारों को भूल जाएं। इसीलिए यह व्यवस्था की जा रही है कि नीचे से ऊपर तक नियमित संवाद रहे। परस्पर संवाद रहे।

जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भरोसा रहे कि उनकी बात संगठन के जरिए सत्ता तक पहुंच रही है। उनके सरोकारों का ध्यान रखा जा रहा है। यही नहीं, उनकी बात, सुझाव, शिकायत पर सरकार काम करती दिखे। जमीन पर उसके असर का संदेश दिखाई दे। उसमें भी इन कार्यकर्ताओं की भूमिका रहेगी।

यह है मकसद

- फोटो : अमर उजाला
रणनीतिकारों को पता है कि जिलों की कमेटियां और अन्य पदाधिकारी उस तरह यह काम नहीं कर सकते, जिस तरह पूर्णकालिक कार्यकर्ता को लगाकर इसे कराया जा सकता है।

कारण, पार्टी के जिलों के पदाधिकारियों के पास संगठन की जिम्मेदारी के साथ पारिवारिक, व्यावसायिक और अन्य जिम्मेदारियां भी रहती हैं। इसलिए रणनीतिकार पूरे प्रदेश में इस तरह का तंत्र खड़ा कर देना चाहते हैं जो पूरी तरह सिर्फ पार्टी का ही काम करे।

प्रदेश स्तर से जो कुछ कहा जाए या योजना बनाई जाए, उसे नीचे तक पहुंचाए और नीचे वालों की अपेक्षाएं पार्टी के प्रमुख लोगों तक पहुंचाए, जिससे समस्याओं का समाधान तेजी से हो।

ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर तक संदेशों का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सके और चुनाव की संभावित चुनौतियों से निपटने में सुविधा रहे।

संतुष्ट करने की फिक्र

अयोध्या मंदिर, तीन तलाक, स्लॉटर हाउस, गोवध पर प्रतिबंध, गंगा की सफाई, धर्मांतरण जैसे तमाम मुद्दे ऐसे हैं जिनके सियासी सरोकार हैं। आम लोगों की ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं व समर्थकों की भी अपेक्षा है कि केंद्र व प्रदेश दोनों जगह सत्ता में होने के नाते भाजपा इन पर कोई न कोई रास्ता निकाले।

भाजपा के सामने यह चुनौती खड़ी है कि वह लोगों के बीच सरकार की भूमिका को रखे और उन्हें संतुष्ट करे। रणनीतिकारों का मानना है कि यह काम वैचारिक रूप से प्रशिक्षित लोग ही कर सकते हैं।

इसलिए विस्तारकों को इस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे किस मुद्दे पर कैसे काम करें। नीचे की बात और अपेक्षाओं को किस प्रकार कहां पहुंचाना है और अलग-अलग प्रकार की समस्याओं का समाधान कहां से और कैसे कराना है।
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नैमिषारण्य में आज से ट्रेनिंग, मई से जिम्मेदारी

नैमिषारण्य में इन कार्यकर्ताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन शुक्रवार दोपहर 3 बजे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन और प्रदेश अध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे।

हनुमान गढ़ी गेस्ट हाउस में होने वाले शिविर में राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिव प्रकाश, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, सभी क्षेत्रीय संगठन मंत्री, दीनदयाल शताब्दी वर्ष समिति में शामिल पदाधिकारी व अन्य प्रमुख लोग भी रहेंगे।

शिविर में प्रशिक्षण लेने वाले कार्यकर्ता मई के पहलेे सप्ताह से संबंधित जिलों में काम शुरू कर देंगे।
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