स्वतंत्र देव ने आरोप लगाया कि सोनिया, राहुल, प्रियंका और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन कानून के बारे में एक तबके को गुमराह किया है। यह कानून देश में किसी की नागरिकता लेने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने का है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विवेकानंद ने कहा था, उन्हें गर्व है कि वह ऐसे धर्म से हैं, जिसने दुनिया को सहनशीलता व सार्वभौमिकता का पाठ पढ़ाया। वे गरीबों की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते थे। प्रधानमंत्री मोदी भी उन्हीं के पदचिह्नों पर चलकर देश के गरीबों की चिंता कर रहे हैं।
स्वतंत्र देव ने कहा, विपक्ष हिंदू संस्कृति को नीचा दिखाने पर तुला है। उम्मीद है कि देश की युवा शक्ति उनका यह सपना साकार नहीं होने देगी।