अब जिस पीढ़ी से राजनीतिक दलों को वोट लेना है, उसमें और अब तक मतदान करने वाली पीढ़ी की सोच में काफी अंतर है। इस बार से मतदान प्रक्रिया में अपने वोट के जरिये राजनीतिक दलों का भविष्य तय करने वाली पीढ़ी ठोस काम भी चाहेगी। इसके लिए वोट मांगने वालों को तथ्यों के साथ इनके पास जाना पड़ेगा।
यही नहीं, यह वे मतदाता होंगे जो न सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं बल्कि देश और दुनिया के बारे में अब तक के मतदाताओं से अधिक जानकारी रखने वाले होंगे। इसीलिए युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को युवाओं, खास तौर से पहली बार मतदान करने वालों को भाजपा से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह है योजना
भाजपा ने सांगठनिक लिहाज से प्रदेश को लगभग 14 हजार सेक्टर में बांट रखा है। एक सेक्टर में लगभग 10 बूथ रखे गए हैं। युवा मोर्चा के एक प्रवासी कार्यकर्ता को एक सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कार्यकर्ता अपने बूथ पर दर्ज घरों से ऐसे युवाओं को छांटेगा जिनकी उम्र 17-18 वर्ष की है और लोकसभा चुनाव में वह पहली बार वोट डालेगा।
प्रवासी कार्यकर्ता इन युवाओं का न सिर्फ मतदाता सूची में नाम जुड़वाएगा बल्कि उन्हें युवा मोर्चा के जरिये भाजपा से भी जोड़ने की कोशिश करेगा। पार्टी की तैयारी काशी की तर्ज पर प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी ‘युवा उद्घोष’ जैसे कार्यक्रम करने की भी है। इनके जरिये इस अभियान में पार्टी से जुड़े युवाओं को पार्टी की रीति-नीति से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
युवा मोर्चा के विस्तारकों द्वारा जोड़े गए मतदाताओं तथा छह महीने से चलाए जा रहे संपर्क और संवाद अभियान के जरिये पार्टी से जुड़े लोगों को पार्टी के साथ सहेजकर रखने की जिम्मेदारी मंडल प्रवासी कार्यकर्ताओं की होगी। ध्यान रहे कि पार्टी ने पिछले वर्ष प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्र पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं को मंडल प्रभारी बनाकर छह-छह मंडलों के कार्यकर्ताओं से संपर्क व संवाद रखने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
इन्हें दिसंबर के अंत तक सौंपे गए मंडलों में एक-एक बूथ पर जाकर पार्टी की सक्रियता बढ़ानी थी। निकाय चुनाव के कारण यह काम दिसंबर तक पूरा नहीं हो पाया। लिहाजा इस अभियान को पूरा करने की तारीख 31 जनवरी तय की गई है।
इसके बाद इन प्रवासी कार्यकर्ताओं को चार-चार सेक्टर सौंपकर युवा मोर्चे की तरफ से जोड़े गए युवाओं को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। फरवरी के पहले सप्ताह से ये प्रवासी कार्यकर्ता न सिर्फ पहली बार के मतदाताओं को साथ जोड़कर रखेंगे बल्कि सरकार की योजनाओं को उन तक पहुंचाकर लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की जमीन तैयार करेंगे।