भाजपा ने अब दलितों की भी लामबंदी की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए नवंबर में अनुसूचित जाति मोर्चा की अगुआई में अनुसूचित जातियों के अलग-अलग समाज की बैठकें करने का फैसला किया गया है। इस वर्ग के पढ़े-लिखे लोगों को भी भाजपा के करीब लाने के लिए अनुसूचित जाति प्रबुद्ध सम्मेलनों के आयोजन का भी निर्णय किया गया है।
रविवार को यहां भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने इस सिलसिले में अनुसूूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक की। उन्होंने कहा कि नवंबर में अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ता सामाजिक बैठकों एवं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलनों के माध्यम से भाजपा की रीति-नीति और मोदी व योगी सरकार की गरीबों व दलितों के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी इन तक पहुंचाएं।
सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवारों को भाजपा के साथ जोड़ें। जिन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें लाभ दिलाएं। अगर कोई कठिनाई हो तो वरिष्ठ लोगों के माध्यम से सरकार से संवाद करके समस्या का समाधान कराएं।
पिछड़ों के सम्मेलन की तर्ज पर तैयारी
डेमो
भाजपा ने पिछड़ों के सम्मेलन की तर्ज पर ही दलितों की बैठकें और सम्मेलन करने का फैसला किया है। पार्टी ने पिछड़ों की अलग-अलग सभी प्रमुख जातियों के यहां सम्मेलन किए थे। उसी तरह दलितों की अलग-अलग जातियों की बैठकें और सम्मेलन की करने की तैयारी है।
भाजपा की कोशिश इस बहाने जहां अलग-अलग जातियों के लिए सरकार से हुए काम बताने के साथ पार्टी के मौजूदा व पुराने अनुसूचित जाति के नेताओं की जानकारी देकर यह भी समझाने की है कि वह शुरू से अनुसूचित जाति की हितैषी रही है।
बंसल ने केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का साहित्य इन लोगों तक पहुंचाने का सुझाव दिया। बैठकों और सम्मेलनों के लिए सभी जिलों में तारीखें तय करने को कहा। बैठक में प्रदेश महामंत्री व अनुसूचित जाति मोर्चा प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल, प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर, अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमेश, मोर्चा सहप्रभारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव, मोर्चा के अध्यक्ष कौशल किशोर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व अभियान प्रमुख रामनरेश पासवान और पूर्व राष्ट्र्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सेठ शामिल थे।