प्रदेश में बिजली के लिए मच रहे हाहाकार, बिगड़ी कानून व्यवस्था व गन्ना किसानों को मूल्य भुगतान न होने से नाराज भाजपा सांसदों ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में धरना दिया।
अखिलेश यादव सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताने के साथ ही सीएम से इस्तीफा देने की मांग की।
जीपीओ गांधी प्रतिमा पर आयोजित इस धरना में प्रदेश के करीब 40 भाजपा सांसद मौजूद हैं। शाम चार बजे सभी सांसदों ने राज्यपाल राम नाईक से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
मंत्रीजी नहीं बैठे धरने पर
मुजफ्फरनगर के सांसद व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालयान भी सोमवार को लखनऊ पहुंच गए। वे धरना स्थल पर तो नहीं पहुंचे, लेकिन शाम चार बजे राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में वे रहे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश में चौतरफा हाहाकार मचा हुआ है।
प्रदेश में सूखा व बाढ़ दोनों से ही किसान परेशान हैं। प्रदेश का हर एक आदमी इस सरकार से त्रस्त हो गया है। लेकिन यह सरकार चैन की बंशी बजा रही है।
वरना छोड़ दो गद्दी के लगाए नारे...
धरना स्थल पर सांसदों ने ‘बिजली दो...पानी दो...वरना गद्दी छोड़ दो...’ के नारे लगाये। इसके अलावा ‘बिजली पानी दे न सके वह सरकार निकम्मी है...जो सरकार निकम्मी है वह सरकार बदली है...’ जैसे नारे भी खूब लगे।
धरना देने वालों में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, राम शंकर कठेरिया, राजवीर सिंह, डॉ. यशवंत सिंह, बृजभूषण शरण सिंह, जगदंबिका पाल, साध्वी निरंजना ज्योति, केसर मौर्य, कृष्णा राज, अंजु बाला, दद्दन मिश्रा व कौशल किशोर आदि प्रमुख थे।
ये बात अलग है कि भाजपा सांसदों ने थोड़ी जल्दबाजी में धरना दे दिया। कम से कम सीएम अखिलेश यादव के लखनऊ में होने का तो इंतजार किया ही जा सकता था।