पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लगातार इस पर जोर दे रहे हैं कि भाजपा को मिलने वाले मतों का आंकड़ा 60 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए ताकि जीत की संभावनाओं को ठोस आधार दिया जा सके। यह तभी संभव है जब पार्टी के साथ और लोग स्थायी रूप से जुड़ें।
पार्टी के एक प्रमुख पदाधिकारी कहते हैं कि सिर्फ वोट हासिल करने से ही यह मकसद पूरा नहीं होगा। इसके लिए उनके बीच से ऐसे लोग भी चाहिए जो स्थायी रूप से भाजपा का काम करें और स्थानीय स्तर पर पार्टी की आवाज बनें।
इसलिए नई सदस्यता में पहली बार के मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया गया है क्योंकि युवा होने के नाते ये पार्टी के लिए ज्यादा उत्साह से काम करने वाले साबित हो सकते हैं।