सपा अध्यक्ष अखिलेेश यादव ने राज्यसभा में हंगामे के बीच कृषि बिल पारित कराने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनिंदा धन्नासेठों के लिए भाजपा ने देश की दो तिहाई आबादी को धोखा दिया है। लोकतांत्रिक कपट कर भाजपा ने कृषि बिल नहीं, अपना ‘पतन पत्र’ पारित कराया है। इसके विरोध और अन्य मुद्दों को लेकर सपा सोमवार को पूरे प्रदेश में तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन करके जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी।
अखिलेश ने रविवार को कहा कि भाजपा ने कृषि बिल पारित कराने के लिए ध्वनि मत की आड़ में राज्यसभा में किसानों व विपक्ष की आवाज दबा दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ओर कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है और दूसरी तरफ भाजपा सरकार की दमनकारी नीतियों से जनता त्रस्त है।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है। किसान बेहाल हैं और बेरोजगारी बेलगाम है। नए अध्यादेश पारित कराकर भाजपा ने किसानों को अपनी जमीन पर ही मजदूर बनाने और खेती को अमीरों के हाथ में गिरवी रखने की साजिश कर रही है। सपा इन शोषणकारी साजिशों का विरोध करेगी।
कोरोना किट खरीद में महाघोटाला
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संकटकाल में हर ग्राम पंचायत में कोरोना किट की खरीद में महाघोटाला हुआ है। भाजपा सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं देने में नाकाम है। उचित चिकित्सा के अभाव में लोगों की जान जा रही है। कोविड-19 अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के चलते जहां संक्रमित दिक्कत में हैं, वहीं स्वास्थ्यकर्मी भी सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। भाजपा राज में अपराधी बेखौफ हैं। पुलिस प्रशासन उनके सामने असहाय है। रोज हत्या, लूट व अपहरण की घटनाएं हो रही है। महिलाएं व बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।
रोजगार के झूठे आंकड़ों से गुमराह कर रहे सीएम
अखिलेश ने कहा, रोजगार की मांग करने पर नौजवानों पर पुलिस लाठियां चलाकर अच्छा नहीं कर रही है। अवसाद में 3200 शिक्षामित्र आत्महत्या कर चुके हैं। मुख्यमंत्री रोजगार के झूठे आंकड़े पेश कर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। पर, अब नौजवान सच्चाई से वाकिफ है। वह झांसे में नहीं आएंगे।