इलाहाबाद के नामी डॉक्टर और जीवन ज्योति हॉस्पिटल के मालिक डॉ. एके बंसल की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। लखनऊ से एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक को इलाहाबाद भेजा गया है, जहां वे अपनी टीम के साथ कैंप कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं।
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शुरुआती जांच में भाजपा के एक सांसद और समाजवादी पार्टी के एक बाहुबली विधायक का नाम बंसल के साथ प्रॉपर्टी विवाद में सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि सपा विधायक को डॉ. एके बंसल ने विवादित प्रॉपर्टी बेची थी। इसे लेकर दोनों के बीच कहासुनी और मारपीट भी हुई थी।
मामला पुलिस तक पहुंचता, इससे पहले ही सुलह-समझौता हो गया था। दावा यह भी किया जा रहा है कि जिस हॉस्पिटल के अंदर डॉ. बंसल की हत्या हुई, उसमें भाजपा सांसद की हिस्सेदारी है। कुछ दिनों पहले इसे लेकर भी विवाद हुआ था। अज्ञात लोगों के खिलाफ डॉ. बंसल की हत्या का मामला दर्ज हुआ है, इसलिए पुलिस हर एंगल की बारीकी से जांच कर रही है।
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धंधे की वजह से दुश्मनों की फेहरिस्त थी काफी लंबी
उच्च अधिकारियों की मानें तो डॉ. बंसल की प्रॉपर्टी के धंधे में काफी रुचि थी। उन्होंने न सिर्फ इलाहाबाद बल्कि आसपास के जिलों के अलावा लखनऊ में भी सीतापुर रोड पर प्रॉपर्टी में बड़ा निवेश किया था।
प्रॉपर्टी के धंधे में दिलचसपी की वजह से बंसल के दुश्मनों की फेहरिस्त काफी लंबी थी। पांच सितंबर 2015 को भी उनकी कार पर बम से हमला हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। उन्होंने बिल्डर संजीव अग्रवाल के अलावा दो अन्य लोगों पर जार्जटाउन थाने में केस दर्ज कराया था।
कहा यह भी जा रहा है कि डॉ. बंसल की लखनऊ में सीतापुर रोड स्थित एक विश्वविद्यालय में भी पार्टनरशिप थी। विवाद के बाद उन्हें पार्टनरशिप से बाहर कर दिया गया था। इस मामले में भी बंसल ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
मरीजों की मौत पर हॉस्पिटल में हो चुका था हंगामा
पुलिस के मुताबिक, जीवन ज्योति हॉस्पिटल में मरीजों की मौत पर पहले भी कई बार हंगामा और तोड़-फोड़ हो चुकी है। कई मरीजों के परिवारीजनों की ओर से डॉ. बंसल को धमकियां भी मिली थीं।
बंसल पर दर्ज थे हत्या समेत कई मुकदमे
बंसल पर यह भी आरोप है कि वर्ष 2012 में जब आयकर विभाग की टीम ने जीवन ज्योति हॉस्पिटल पर छापा मारा तो हॉस्पिटल के स्टाफ ने आयकर विभाग की टीम को ही बंधक बना लिया था। इस मामले में भी डॉ. बंसल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा भी बंसल के खिलाफ हत्या के अलावा कई अन्य मामलों में मुकदमा दर्ज हो चुका है।
कांट्रैक्ट किलिंग संभव
इस पर एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत चौधरी का कहना है कि मामले की जांच के लिए लखनऊ से एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक को भेजा गया है। शुरुआती जांच में कई लोगों से दुश्मनी की बात सामने आई है। अभी तक मामला कांट्रैक्ट किलिंग का लग रहा है।
राज्यपाल से मिले डॉक्टर, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग
इलाहाबाद के सर्जन डॉ. एके बंसल की हत्या से इंडियन मेडिकिल एसोसिएशन (आईएमए) की लखनऊ शाखा के डॉक्टरों में रोष है। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार शाम आईएमए लखनऊ शाखा के अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता के नेतृत्व में चिकित्सकों ने राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की।
इस पर राज्यपाल ने डीजीपी जावीद अहमद से फोन पर बात की और डॉ. बंसल के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने को कहा। वहीं, हत्या के विरोध में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने काला फीता बांधकर काम किया।
इससे पहले आईएमए रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आईएमए भवन में चिकित्सकों की बैठक हुई। इसमें डॉ. पीके गुप्ता ने सरकार से डॉक्टरों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। कहा कि डॉक्टरों से मारपीट, जानलेवा हमला और क्लीनिक में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए जिससे इस तरह की घटना को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर बंसल के हत्यारों को पुलिस 24 घंटे में गिरफ्तार करे, नहीं तो चिकित्सक कड़ा फैसला लेने को मजबूर होंगे। बैठक के बाद चिकित्सकों का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने गया। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. वैभव खन्ना, डॉ. संदीप कपूर और डॉ. जेडी रावत भी शामिल थे।
बैठक में चिकित्सकों ने मांग की कि जिन डॉक्टरों के पास लाइसेंसी हथियार हैं उनको आचार संहिता लागू होने पर भी पुलिस और प्रशासन जमा करने के लिए बाध्य न करे। चिकित्सकों ने कहा कि हथियार जमा होने के बाद डॉक्टर पूरी तरह निहत्थे हो जाएंगे और हमलावर और बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
लखनऊ नर्सिंग होम ने जताया विरोध
लखनऊ नर्सिंग होम एसोसिएशन ने भी डॉ. बंसल की हत्या की निंदा की है। एसोसिएशन के सचिव डॉ. अनूप अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से डॉक्टरों का मनोबल घटता है। सरकार ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगा पाएगी तो इलाज की व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो जाएगी। इससे मरीजों को नुकसान होगा।
आज विरोध दिवस मनाएंगे डॉक्टर
यूपी आईएमए के सचिव डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि डॉ. बंसल के हत्यारों की 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होती है तो यूपी आईएमए से जुड़े दस हजार से अधिक डॉक्टर कामकाज बाधित करेंगे। डॉक्टरों पर जानलेवा हमला पुलिस प्रशासन की नाकामी का प्रमाण है। इस घटना ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल उठा दिया है। उन्होंने कहा कि हत्या के विरोध में शनिवार को डॉक्टर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। शनिवार शाम तक घटना को अंजाम देने वाले गिरफ्तार नहीं होते हैं तो कामकाज पूरी तरह बाधित कर दिया जाएगा।