गोरखपुर से भाजपा विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने राज्यपाल रामनाईक को पत्र भेजकर गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के विश्वविद्यालय में तकनीकी और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के फैसले के विरोध में 8 दिसंबर को दिए गए ज्ञापन पर जल्द निर्णय का आग्रह किया है।
साथ ही ध्यान आकृष्ट किया है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने बी.वी.आर. मोहन रेड्डी की रिपोर्ट को शब्दश: स्वीकार कर लिया है। जिसमें देश में अब नए तकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की जरूरत से इन्कार किया गया है। भाजपा विधायक ने राज्यपाल से इस रिपोर्ट के मद्देनजर ज्ञापन पर जल्द निर्णय का आग्रह किया है।
भाजपा विधायक ने राज्यपाल को भेजे पत्र में याद दिलाया है कि 8 दिसंबर को सपरिवार मुलाकात के दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा तकनीकी और इन्जीनियरिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के निर्णय के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के विरोध में उठाए गए बिंदुओं में एक यह भी था कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे ने नैसकाम के चेयरमैन बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी।