धर्मपाल ने कहा कि भूजल में हो रही कमी के चलते देश व प्रदेश गंभीर पानी संकट की तरफ बढ़ रहा है। 2020 में दिल्ली में पानी खत्म हो जाएगा। बंगलूरू की भी यही स्थिति है। यूपी में बुंदेलखंड भी इसी ओर बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए योगी सरकार ने प्रदेश की आठ नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना तैयार की है।
नदी पुनर्जीवीकरण व संरक्षण सेल का गठन किया है। गोमती, तमसा, मनोरमा, आमी, अरैल, सोत, सई व वरुणा नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जा रही है जिसे जल्द ही केंद्र को भेजा जाएगा।
इन नदियों का पौराणिक महत्व है और इनका उद्गम स्थल मैदानी क्षेत्र है। जनता के सहयोग से नदियों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया गया है। गोमती की खुदाई 47 किलोमीटर तक शुरू हो चुकी है। बाकी नदियों की खुदाई भी शुरू कराई जा रही है। लंबित सिंचाई परियोजनाओं को भी प्राथमिकता पर पूरा कराने पर जोर है ताकि खेती के लिए पानी की समस्या न रहे।