यूपी में सत्ता का ख्वाब देख रही भाजपा विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को घोषणा पत्र जारी करेगी। इसका ताना-बाना किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर बुना गया है।
भाजपा का फोकस विकास रहेगा, मगर अखिलेश सरकार को लचर कानून व्यवस्था और पूर्ववर्ती मायावती सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरते हुए ‘कल्याण राज’ का वादा करेगी। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह दोपहर तीन बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में घोषणा पत्र जारी करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने, किसान आयोग का गठन, सस्ती ब्याज दर पर ऋण देने, गन्ना का खरीद मूल्य बढ़ाने, बुजुर्ग मरीजों की मदद और श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने जैसी घोषणाएं कर सकती है।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों व बुजुर्ग किसानों को पेंशन का वादा भी किया जा सकता है। घोषणा पत्र जारी करने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
घोषणा पत्र में खास क्या
यूथ के लिए : भाजपा बताएगी कि उनकी सरकार आने के बाद किस सेक्टर में कैसे व कितने युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी।
किसान : एक लाख तक का कर्ज माफ करने और दो फीसदी ब्याज दर पर ऋण देने का वादा कर सकती है। हर खेत को पानी देने की योजना। बिजली पर खास ध्यान। किसानों की आय बढ़ाने को किसान आय आयोग गठित कर सकते हैं। भाजपा बताएगी कि उनके शासित राज्यों में किस प्रकार विभिन्न योजनाओं से किसानों की स्थिति सुधारी गई।
महिलाएं : छात्राओं और महिलाओं के लिए अलग-अलग योजना शुरू करने का वादा।
करेगी कल्याण-राज लाने का वादा
- फोटो : amar ujala
सूत्रों अनुसार घोषणा पत्र में अखिलेश सरकार की लचर कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और पूर्ववर्ती मायावती सरकार के दौरान भ्रष्टाचार का खास संज्ञान लिया गया है। भाजपा 90 के दशक में कल्याण सिंह सरकार की याद दिलाकर कल्याण-राज लाने का वादा करेगी।
सपा के वादों की काट
सपा के लुभावने वादों को देखते हुए उम्मीद है कि भाजपा अपने घोषणा पत्र में इसकी काट की व्यवस्था करेगी। महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस आश्वासन किए जाएंगे। लोगों को सस्ता मकान, युवाओं के लिए नई भर्तियां, स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण एवं ऋण, सस्ती तकनीकी शिक्षा, पर्यावरण सुरक्षा, नदियों का संरक्षण और सुरक्षा के वादे भी होने की उम्मीद है।
... लेकिन मंदिर मुद्दे पर क्या
सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर पर भाजपा सधे शब्दों में जनता को इस मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता बताएगी। भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी की अध्यक्षता में घोषणा पत्र के लिए कमेटी गठित की थी। इसमें मुख्य प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित, राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह भी शामिल थे।