उधर, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भी विधानसभा चुनाव से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव तक पार्टी की सफलता का सिलसिला जारी है। इस क्षेत्र की कमान खुद प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने संभाल रखी थी। वहां भी 14 में से झांसी, ललितपुर, चित्रकूट और बांदा जिला पंचायत में भाजपा के उम्मीदवारों का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय है।
उधर, अवध क्षेत्र में भाजपा को गोंडा, श्रावस्ती व बलरामपुर, काशी क्षेत्र में मऊ व वाराणसी, गोरखपुर क्षेत्र में गोरखपुर और ब्रज क्षेत्र में आगरा में एक-एक जिले में पार्टी के उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है।
भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन 29 जून को प्रदेश की 30 जिला पंचायतों में अपने उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित कराने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में करीब 40 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा का सपा से सीधा मुकाबला है।
प्रदेश सरकार के मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद और विधायक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को नामांकन वापसी के लिए मनाने में जुट गए हैं।
उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का टिकट देने, विधान परिषद भेजने या सरकार के महत्वपूर्ण आयोग, बोर्ड और निगम में नियुक्ति का ऑफर भी दिया जा रहा है। गौरतलब है कि अभी तक 17 जिलों में भाजपा के उम्मीदवारों का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुना जाना तय है।