पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के चचेरे भाई राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सुरेंद्र की हत्या राजनीतिक रंजिश में की गई। इलाके में उनका काफी प्रभाव था।
सुरेंद्र सिंह 2017 तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पद पर थे लेकिन यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 में नंदमहर में अखिलेश यादव की सभा के बाद सपा में शामिल हो गए लेकिन चुनाव के बाद फिर से भाजपा में वापस आ गए।
सुरेंद्र ने 2005 में पहला पंचायत चुनाव लड़ा था। 2015 में बैकवर्ड के लिए सीट आरक्षित होने के बाद उन्होंने अपने करीबी राम प्रकाश वर्मा को चुनाव लड़ाया था। वारदात के बाद इलाके में पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है।
हाईप्रोफाइल मामला होने से जिले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा अमेठी पहुंच रहे हैं। वहीं, स्मृति ईरानी भी करीब दो बजे पहुंचेंगी।
लखनऊ के केजीएमयू में सुरेंद्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। सुरेंद्र का शव लेने के लिए उनके बड़े भाई नरेंद्र सिंह मौजूद हैं। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है।
गांव में मौजूद पुलिसकर्मी।
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सुरेंद्र सिंह के करीबी मुन्ना सिंह ने कहा कि इन चुनाव के बाद राजनीतिक रूप से उनका कद काफी बढ़ गया था। कुछ लोगों को उनकी तरक्की पसंद नहीं आ रही थी। उन्होंने आशंका जताई कि लोकप्रियता के कारण उनकी हत्या की गई। उन्होंने अपील की कि मामले का खुलासा नहीं हुआ तो बड़ा प्रदर्शन करेंगे।