सपा ने कहा है कि मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर भाजपा नेता अपराधबोध से ग्रसित हैं। इसीलिए जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले ही उन्होंने रंग दिखाना शुरू कर दिया है।
उनकी हरकतें चोर की दाढ़ी में तिनका वाली कहावत चरितार्थ करती हैं। उन्हें मालूम है कि उनके दंगा भड़काऊ कारनामे की पोल खुल गई है।
प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा, आरएसएस और भाजपा अफवाहें फैलाने में माहिर हैं।
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री जैसे जिम्मेदार ओहदे पर बैठे डॉ. संजीव बालियान ने तो हद कर दी। उन्होंने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करते हुए वरिष्ठ मंत्री आजम खां के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की है।
आयोग की रिपोर्ट देखे बिना ऐसे बयान देना नितांत अलोकतांत्रिक, अवैधानिक व निंदनीय है।
आजम को भाजपा नेताओं से धर्मनिरपेक्ष होने का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। वे दंगों की राजनीति के विरोधी रहे हैं। यही बात भाजपा-संघ को चुभती है और वे उनके खिलाफ जहर उगलते रहते हैं।