विपक्षी नेताओं से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगने की मंदिर ट्रस्ट की इच्छा पर अखिलेश ने कहा कि कोरोना काल न होता तो पता नहीं कितने लोग अब तक चंदा मांगने आ गए होते। नवरात्र में चंदा लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि हर धर्म में चंदा लेने की अलग-अलग व्यवस्था है। भाजपा इसे राजनीतिक कार्यक्रम बनाना बंद करें। हम हिंदू हैं। वेदों, गीता, रामायण में चंदा शब्द का जिक्र नहीं है। हम जहां भी मंदिर में गए दक्षिणा दी।
अखिलेश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि टीकाकरण शुरू होने की खुशी है। हमने कभी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों पर सवाल नहीं उठाए। टीके के संबंध में जो आशंका व्यक्त की जा रही हैं, उनका निराकरण होना चाहिए। सरकार बताए कि गरीब को कब वैक्सीन सुविधा मिलेगी। वैक्सीन मुफ्त मिलेगी या नहीं। एक साल बाद जब हमारी सरकार आएगी तब सबकों मुफ्त वैक्सीन देंगे।
सुनीता वर्मा और योगेश वर्मा के अलावा ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) के पूर्व विधायक विजय यादव, लखीमपुर के पूर्व सांसद दाऊद अहमद, शाहजहांपुर के पूर्व मंत्री अवधेश वर्मा, बरेली के पूर्व विधायक विजय पाल सिंह, अलीगढ़ की पूर्व लोकसभा प्रत्याशी लक्ष्मी धनगर बसपा छोड़कर सपा में आए है।
सपा की सदस्यता ग्रहण करने वालों में रमेश पांडेय जहूराबाद (गाजीपुर) इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप वर्मा, सुनील लोधी, पिछड़ा वर्ग आयोग के डॉ. अफरोज कृष्ण चंद्र मौर्य मिर्जापुर, राजेश कुमारी, कोरी संदीप वर्मा उल्लेखनीय है।