उन्होंने कहा कि दिसंबर 2017 में योगी सरकार ने जो 20 हजार मुकदमे वापस लिए, उनमें 2011 का एक दुष्कर्म केस चिन्मयानंद का भी था, लेकिन सीजेएम ने इसे खत्म करने से मनाकर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिन्मयानंद के नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में जेल में बंद आशाराम से भी संबंध हैं। दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग को बालिग साबित करने के लिए दो सर्टिफिकेट चिन्मयानंद के मुमुश्र आश्रम की जया कामथ ने जारी किए थे।
सुप्रिया ने आरोप लगाया कि 376सी लगाकर बलात्कार के मुकदमे को समझौते से सेक्स में बदला गया है। रेप पीड़िता के 12 पन्ने की एफआईआर पर एसआईटी ने संज्ञान ही नहीं लिया है। प्रेस वार्ता में विधायक अराधना मिश्रा व अन्य पार्टी नेता भी मौजूद रहे।