राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की त्योरियों का असर दिखना शुरू हो गया। भाजपा, लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर अपने सांगठनिक कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है। सूरजकुंड (हरियाणा) में हुई संघ परिवार के संगठन मंत्रियों की बैठक में इसका असर साफ दिखा। प्रदेश के तीन क्षेत्रों के संगठन मंत्रियों को मौजूदा जिम्मेदारी से मुक्त कर एक दशक पहले की व्यवस्था को बहाल कर दिया गया।
बदलाव के बाद अवध के क्षेत्र संगठन मंत्री बृज बहादुर, कानपुर के ओमप्रकाश और गोरखपुर के शिवकुमार को मौजूदा जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रद्युम्न को सौंपी गई है। काशी के क्षेत्र संगठन मंत्री रत्नाकर को अब गोरखपुर और ब्रज क्षेत्र के संगठन मंत्री भवानी सिंह को कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिम क्षेत्र में अभी किसी संगठन मंत्री की तैनाती नहीं की गई है।
आरएसएस ने जताई थी नाराजगी
दरअसल, पिछले दिनों आरएसएस ने कुछ क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों की रीतिनीति को लेकर नाराजगी जताई थी। फैसला किया था कि किसी विवाहित और गैर प्रचारक को संगठन मंत्री नहीं बनाया जाएगा। इसी के चलते सूरजकुंड बैठक में सांगठनिक ढांचे के कील-कांटे दुरुस्त करते हुए नई तैनाती की गई हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि क्षेत्रों से हटाए गए संगठन मंत्रियों को जल्द ही नए दायित्व सौंप दिए जाएंगे।
गाजियाबाद में भाजपा की बैठक आज
भाजपा के पश्चिम क्षेत्र की बैठक सोमवार को गाजियाबाद में सुबह 10 बजे से होगी। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और प्रदेश महामंत्री संगठन शामिल होंगे। इसके अलावा बैठक में पश्चिम क्षेत्र के सभी जिलाध्यक्ष, विधायक, सांसद, मंत्री और क्षेत्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे।