उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव और 23 अक्तूबर को होने वाले शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद की 11 सीटों लिए चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पार्टी मुख्यालय में अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों और प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इसमें मतदाता संपर्क, बूथ व पोलिंग सेंटर प्रबंधन, पन्ना प्रमुख व्यवस्था और मतदान प्रतिशत बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
अक्तूबर में प्रदेश में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होना है। पंकज चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता सिर्फ संगठनात्मक बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक शिक्षक और स्नातक मतदाता तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचें। जिन कार्यकर्ताओं के पास भरे हुए मतदाता फॉर्म हैं उन्हें तत्काल जमा कराएं। उन्होंने बूथ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के साथ ही प्रत्येक पन्ने के मतदाताओं को चिह्नित कर पन्ना प्रमुख उनके साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और मतदान के दिन उन्हें केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
शिक्षक-स्नातक सम्मेलन शुरू करने के निर्देश
शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठकें करने और विधानसभा स्तर पर शिक्षक-स्नातक सम्मेलन भी शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाताओं को सरकार की उपलब्धियां बताने के साथ बैलेट पेपर से मतदान की सही प्रक्रिया भी समझाने को कहा। बैठक में प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, चुनाव प्रभारी संजय राय, अवध क्षेत्र अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी समेत जिलाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धर्मपाल बोले, हर पन्ने की होगी निगरानी
धर्मपाल सिंह ने कहा कि चुनाव का क्षेत्र व्यापक है और समय सीमित है। ऐसे में जिले से लेकर मतदान केंद्र तक जिम्मेदारियां स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची को चुनावी रणनीति का आधार बताते हुए प्रत्येक पन्ने की समीक्षा और मतदाताओं से संपर्क की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। कहा, पन्ना प्रमुख केवल नामित कार्यकर्ता न रहें, बल्कि अपने पन्ने के मतदाताओं से संपर्क से लेकर मतदान तक की जिम्मेदारी संभालें।