भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य व यूपी प्रभारी ओम माथुर
- फोटो : amar ujala
भाजपा नेतृत्व ने चुनावी समर 2017 के मद्देनजर चुनावी किलेबंदी को पार्टी विधायकों को मोर्चे पर लगाने का फैसला किया है। इसके लिए उन्हें खुद की सीट के अलावा दो-दो और विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इन्हें साफ कर दिया गया है कि इस जिम्मेदारी का मतलब उन्हें इन विधानसभा क्षेत्रों को सौंपना नहीं है। सभी विधायकों को 25 दिन अपनी सीट पर ही गुजारने हैं।
बचे पांच दिन उन विधानसभा क्षेत्रों में गुजारने होंगे, जिनका जिम्मा उन्हें सौंपा गया है। पार्टी जल्द ही सांसदों को भी चुनावी मोर्चे पर लगाएगी। विधायकों के कामकाज की मॉनिटरिंग और समन्वय की जिम्मेदारी विधानमंडल नेता सुरेश खन्ना और मुख्य सचेतक डॉ. राधामोहन दास को सौंपी गई है।
प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में रविवार को यहां हुई विधायकों की बैठक हुई। इसमें विधायकों को चुनावी एजेंडे पर जुटाने का फैसला किया गया। इसके लिए उन्हें बिंदुवार टास्क सौंपा गया। साथ ही कुछ हिदायतें भी दी गईं।
हर महीने की अंतिम तारीख को देना होगा रिपोर्ट कार्ड
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विधायकों को चुनाव तक हर महीने की अंतिम तारीख को पूरे महीने का रिपोर्ट कार्ड नेतृत्व को भेजना जरूरी है। बैठक में विधानमंडल दल नेता सुरेश खन्ना, मुख्य सचेतक डॉ. राधामोहन दास, विधान परिषद में नेता हृदयनारायण दीक्षित, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन शिवप्रकाश व प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद रहे।
सौंपे गए काम
विधायकों से कहा गया कि वे आंदोलन के लिए कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करें और उन्हें नेतृत्व दें। साथ ही उनकी समस्याओं के समाधान में भी मदद करें। केंद्र सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को बताएं और उनके कष्टों को समझकर उनका निराकरण कराने में मदद करें। प्रदेश सरकार के कारनामों के बारे जनता को बताएं और उन्हें यह भी समझाएं कि सपा, बसपा और कांग्रेस एक-दूसरे का विकल्प नहीं बल्कि एक ही दल हैं।
बूथ कमेटियों की करेंगे जांच
विधायकों से कहा गया है कि इन विधानसभा क्षेत्रों में बूथ कमेटियों की सघन जांच कराएं। देखें कि किसी बूथ पर बाहर वाले को तो अध्यक्ष या प्रभारी नहीं बना दिया गया है। अगर ऐसा है तो उसे हटाकर संबंधित बूथ या मतदान केंद्र के कार्यकर्ता मतदाता को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जाए।
टिकट के लिए न करें सिफारिश
भाजपा
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विधायकों को हिदायत दी गई है कि उन्हें किसी को टिकट की सिफारिश करने या किसी की उम्मीदवारी को प्रोत्साहित करने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ संगठनात्मक ढांचे की मजबूती और संबंधित क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ व पहुंच बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अवध में इन्हें मिली जिम्मेदारी
आशुतोष गोपाल टंडन: (लखनऊ पूर्व को) लखनऊ मध्य व लखनऊ कैंट।
रामचंद्र यादव: (रुदौली) को मिल्कीपुर व दरियाबाद।
बावन सिंह: (कटरा बाजार) को करनैलगंज व गोंडा।
विधान परिषद सदस्य: लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर व मोहनलालगंज।