नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते पार्षद।
लखनऊ। शहर के 77 वार्डों में घरों से कूड़ा उठाने का काम कर रही कंपनी लखनऊ स्वच्छता अभियान (रामकी) को सफाई का काम देने पर भाजपा पार्षदों ने एक बार फिर विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी भाजपा के पार्षद हरिशचंद्र लोधी और कौशल शंकर पांडेय ने नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्षदों ने पार्टी के महानगर अध्यक्ष से भी मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।
भाजपा पार्षदों का कहना था कि कंपनी का काम सही नहीं है। जिन वार्डों में वह काम कर रही है वहां सफाई व्यवस्था बहुत खराब है। रामकी न तो समय से घरों से कूड़ा उठा रही और न ही सही से सफाई कर रही है। गोमतीनगर वार्ड के पार्षद कौशल शंकर पांडेय ने कहा कि छह महीने पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के स्वागत कार्यक्रम में भी अयोध्या रोड पर पॉलीटेक्निक चौराहे के आसपास सफाई व्यवस्था बदहाल थी। वीआईपी दौरे पर भी सफाई नहीं कराई गई थी।
पार्षदों ने बताया कि कंपनी को वार्ड से हटाने की मांग लेकर वह नगर आयुक्त से मिलने आए थे मगर वह कार्यालय में नहीं थे। इसके बाद उनके कार्यालय के बाहर विरोध जताया गया। कंपनी नहीं हटाई गई तो फिर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। रामकी को सफाई का काम देने का भाजपा पार्षद दो साल से विरोध कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले 80 में से 56 भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। इस कारण अब तक 10 वार्ड ही कंपनी को सफाई के काम के लिए दिए गए हैं।
भाजपा पार्षद दल की बैठक में रखा जाएगा मुद्दा
भाजपा पार्षदों ने बताया कि मामले को लेकर अन्य पार्षदों के साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी से मुलाकात की गई है। मांग की गई है कि कंपनी को वार्डों में सफाई का काम न दिया जाए। नगर निगम सदन में भी तय हुआ था कि जब तक कंपनी घरों से कूड़ा कलेक्शन का काम पूरी तरह न कर ले उसे वार्डों में सफाई का काम न दिया जाए। स्थिति यह है कि कंपनी दो साल से काम कर रही है लेकिन 50 प्रतिशत तक घरों से कूड़ा कलेक्शन सही से नहीं कर पा रही है। महानगर अध्यक्ष ने समस्या के समाधान के लिए भाजपा पार्षद दल के उपनेता देव शर्मा मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा से पार्षद दल की बैठक बुलाने के लिए कहा है। मुन्ना मिश्रा ने बताया कि एक सप्ताह में बैठक बुलाई जाएगी।
यह है विवाद की जड़
महानगर वार्ड के पार्षद हरिश्चंद्र लोधी ने सोमवार को नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया था। उनका कहना था कि जून में नगर निगम ने उनके वार्ड में सफाई का काम रामकी को दे दिया, जबकि कंपनी का काम ठीक नहीं है। इसके अलावा वार्ड में पहले से कार्यदायी संस्था काम कर रही है और उसका अगस्त तक का कार्यादेश था। उन्होंने बताया कि तीन महीने से न तो नगर निगम और न ही रामकी ने कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को भुगतान किया। इससे वार्ड की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पार्षद कौशल शंकर पांडेय ने बताया कि एक सितंबर से उनके वार्ड का काम भी बिना उनकी सहमति के रामकी को दे दिया गया। कदम रसूल, अयोध्यादास प्रथम व द्वितीय, फैजुल्लागंज द्वितीय और हुसैनाबाद वार्ड का काम भी एक सितंबर से रामकी को देने का आदेश जारी किया गया है।