यूं तो पश्चिमी यूपी में जाटव, खटीक, भुइयार, पासी, वाल्मीकि जैसी अनुसूचित वर्ग की बिरादरियां हैं, पर इनमें पचास प्रतिशत से अधिक वोटर जाटवों का माना जाता है। वाल्मीकि, भुइयार बिरादरियों पर भाजपा का कब्जा रहा है। ऐसे में इस बार निशाने पर जाटव हैं। यूं तो ज्यादातर दलित इस बार भी बसपा के साथ हैं, पर उनकी संख्या भी कम नहीं जो भाजपा और गठबंधन की तरफ जा सकते हैं। इन्हें साधने के लिए दोनों ने ही ताकत लगाई है। गांव जाहिदपुर निवासी राजेश कहते हैं कि दलित पिछले कई चुनावों से एक ही दल को वोट करता रहा है।
इस बार भी काफी दलित अपनी धुन के पक्के हैं, पर एक धड़ा ऐसा भी है, जो विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। मुद्दे बदल गए हैं। सुरक्षा, सम्मान जैसी बातें हो रही हैं। ऐसे में यह जरूरी नहीं कि दलित किसी भी दल के बंधन में बंधे रहें। थानाभवन निवासी प्रमोद कुमार कहते हैं, दलित मतदाता जागरूक है। अब वह मुद्दों को परखकर ही वोट करने के मूड में है। काफी युवा मतदाता इस बात को समझ रहे हैं। युवाओं का कहना है कि किसी दल विशेष से बंधने का कोई ठोस कारण इस बार उन्हें नजर नहीं आ रहा है।
यहां दलितों का प्रभाव
पहले चरण में आगरा में चुनाव है। यहां कुल 9 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां सभी सीटें जीत ली थीं। भाजपा की यहां प्रचंड लहर चली। बताया जा रहा है कि पिछले चुनाव में ही दलितों ने भाजपा की तरफ रुझान दिखा दिया था। भाजपा उस रुझान को बनाए रखने के लिए हर जतन कर रही है। हालांकि, बसपा यह बात बखूबी जानती है। यही कारण है कि मायावती ने अपने चुनावी समर का आगाज इस बार आगरा से ही किया। सहारनपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों में भी दलित मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है।
कहां-कितनी ताकत
विधानसभा क्षेत्र आबादी
स्याना 57 हजार
सिकंदराबाद 70 हजार
अनूपशहर 70 हजार
शिकारपुर 62 हजार
खुर्जा 58 हजार
डिबाई 30 हजार
बुलंदशहर 60 हजार
मुरादनगर 80 हजार
मोदीनगर 55 हजार
साहिबाबाद 80 हजार
गाजियाबाद 75 हजार
सिवालखास 40 हजार
सरधना 52 हजार
हस्तिनापुर 71 हजार
किठौर 65 हजार
मेरठ कैंट 65 हजार
मेरठ शहर 13 हजार
मेरठ दक्षिण 75 हजार
आगरा एत्मादपुर 70 हजार
आगरा छावनी 95 हजार
आगरा दक्षिण 40 हजार
आगरा उत्तर 45 हजार
आगरा ग्रामीण 80 हजार
फतेहपुर सीकरी 60 हजार
खैरागढ़ 40 हजार
बाह 35 हजार
बुढ़ाना 32 हजार
चरथावल 55 हजार
खतौली 47 हजार
मीरापुर 53 हजार
मुजफ्फरनगर 22 हजार
पुरकाजी 75 हजार
शामली 35 हजार
थानाभवन 60 हजार
कैराना 10 हजार