ठेकेदारी में विधायकी गंवाने वाले बसपा के उमाशंकर सिंह व भाजपा के बजरंग बहादुर से लगभग 51 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। इतना ही नहीं निर्वाचन व शपथ लेने की तिथि से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने से दोनों को पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
जबकि बतौर विधायक लिए गए वेतन-भत्ते और अन्य सुविधाओं के एवज में भुगतान की वसूली की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होगी।
विधानसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस की वजह से 2 फरवरी तक तो इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो पाएगी। इसके बाद ही दोनों के बर्खास्तगी संबंधी राज्यपाल के आदेश को विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के पास भेजा जाएगा।
विधायकों की सदस्यता समाप्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही रसड़ा और फरेंदा विधानसभा सीटों के रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेजी जाएगी।
इसके बाद इरला चेक विभाग से इन्हें विधायक के रूप में अब तक किए गए समस्त भुगतान का ब्यौरा मंगाकर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से धनराशि की वसूली का आदेश जारी किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर ही सरकार दोनों से वसूली की कार्यवाही शुरू करेगी।