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Lucknow News: जन्मदिन को बना लिया जीवन देने का दिन

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लखनऊ। दूसरों को जीवनदान देकर भी जन्मदिन मनाया जा सकता है। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी अतुल उपाध्याय और तकनीकी अधिकारी विशाल कुमार इसी संदेश के साथ हर साल अपना जन्मदिन मनाते हैं।
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न्यूरो सर्जरी विभाग में तैनात अतुल उपाध्याय के मुताबिक, संस्थान में आए दिन वह रक्त के जरूरतमंदों को देखते हैं। सात साल पहले 29 अगस्त को उनके जन्मदिन पर ऐसे ही एक मरीज को देखकर उन्होंने खुद ही रक्तदान किया। इसके बाद अगले जन्मदिन पर वह घटना फिर से याद आई। ऐसे में हर साल रक्तदान करने का नियम ही बना लिया।
क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में तैनात विशाल कुमार ने बताया कि वह भी अपने हर जन्मदिन तीन मई को रक्तदान शिविर आयोजित करते हैं। शिविर में वह दोस्तों को आमंत्रित करते हैं। रक्तदान करने के बाद केक काटकर जन्मदिन मनाते हैं।
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ब्लड बैंक में काम के साथ ही नियमित रक्तदान
केजीएमयू ब्लड बैंक में तैनात ब्रजेश यादव नियमित रूप से हर तीन महीने में रक्तदान करते हैं। उनके मुताबिक, नियमित रक्तदान करने के काफी फायदे होते हैं। डाॅक्टरों के अनुसार, इससे दिल का दाैरा पड़ने का खतरा भी कम रहता है।
ग्रामीण क्षेत्र में अब भी भ्रांति
Iस्वैच्छिक रक्तदान में ग्रामीण क्षेत्र के निवासी अब भी काफी पीछे हैं। वहां रक्तदान को लेकर काफी भ्रांतियां हैं। इसी वजह से वे रक्तदान के लिए आगे नहीं आते, जबकि एक यूनिट खून से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। एक यूनिट खून में प्लेटलेट्स, पीआरबीसी, फ्रेस फ्रोजेन प्लाज्मा और प्रायो पेर्सीटेड होते हैं।I
I- डाॅ.वीके शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डाॅ.रामसागर मिश्रा संयुक्त चिकित्सालय बीकेटीI


रक्तदान से नहीं आती है कमजोरी
हमारे शरीर में पांच से छह लीटर खून होता है। एक बार रक्तदान करने में 350 मिलीलीटर खून निकाला जाता है। इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है। इसके विपरीत रक्तदान करने से हमारा शरीर कई बीमारियों बचता है।
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- प्रो. तूलिका चंद्रा, ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग, केजीएमयू
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ये कर सकते हैं रक्तदान
-18 साल से अधिक उम्र के लोग
- 45 किलोग्राम से अधिक वजन
-हीमोग्लोबिन की माप 12.5 ग्राम से अधिक
-पुरुष हर तीन महीने और महिलाएं चार माह में एक बार कर सकती हैं रक्तदान
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इनको है मनाही
- कालरा, टाइफाइड, डिप्थीरिया, टिटनेस के बाद अगले 15 दिन तक
-कैंसर, पीलिया, मिर्गी, अस्थमा, ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया के मरीज
- प्रसव के एक साल के भीतर महिलाओं को रक्तदान की मनाही
-इंसुलिन का इंजेक्शन लेने वाले
-हेपेटाइटिस बी, सी, टीबी, कुष्ठ और एचआईवी संक्रमित मरीज
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