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बर्ड फ्लू: 30 फीसदी ही रह गई अंडे-चिकन की मांग, 170 में तैयार होता है 2 किलो का मुर्गा, 60 रुपये भी नहीं मिल रहे

Tue, 12 Jan 2021 02:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बर्ड फ्लू की दहशत, कानपुर में प्रतिबंधों के बीच लखनऊ में भी चिकन-अंडा कारोबार पर खतरा मंडराने लगा है। कारोबारी परेशान हैं, बाहर से माल मंगाना बंद कर दिया है, तैयार ब्रायलर (खाने वाला मुर्गा) और लेयर (अंडे वाली मुर्गी) का क्या करें, समझ नहीं पा रहे हैं। उनका कहना है कि 14 तक मुस्लिम समाज की शादियां हैं, इसलिए यह 30 फीसदी की मांग बची हुई है। वहीं कारोबारी फैजी कहते हैं कि मटन की मांग में 70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, और दाम में 60-70 रुपये का इजाफा भी हुआ है।

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प्रति किलो मुर्गे की तैयारी पर 85 रुपये की लागत आती है
कारोबारी फैजी जैदी बताते हैं कि प्रति किलो मुर्गे की तैयारी पर 85 रुपये की लागत आती है। दो किलो का मुर्गा तैयार होने पर 170 रुपये लगते हैं और इस पर कोई 60 रुपये देने को भी तैयार नहीं  है। मेरी खुद की एक लाख बर्ड की तैयारी है, लेकिन करें क्या समझ नहीं आ रहा है।

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एक करोड़ बर्ड का लखनऊ में होता है कारोबार

फैजी कहते हैं कि 3 करोड़ मुर्गे उत्तर प्रदेश में तैयार किए जाते हैं। इसमें से एक करोड़ लखनऊ का हिस्सा हैं। प्रति 3000 मुर्गों की देखभाल के लिए एक कर्मचारी लगा होता है, यानी उसका पूरा परिवार संकट में है। उत्तर प्रदेश पोल्ट्री फेडरेशन में मुर्गी पालकों की संख्या 1000 से अधिक हैं। एक-एक कारोबारी 25-30 लाख लगाकर तैयारी करता है और इस वक्त सबकुछ दांव पर लगा है।

पंजाब-हैदराबाद से मंगाते थे माल, फिलहाल बंद कर दिया
कारोबारी रफीक कहते हैं कि कानपुर में प्रतिबंध की खबर आते ही चारों तरफ हड़कंप मचा है। बिक्री बंद नहीं है, हम लोग पंजाब और हैदराबाद से अंडा मंगाते थे, अब मंगाना बंद कर दिया है, जो रखा है उसे खपा दें बस।
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मछली या मटन, आफत सब पर

नॉनवेज कारोबारी रहनुमा कुरैशी कहते हैं कि मछली हो या मटन या फिर चिकन या अन्य मांस, जब कोई आफत आती है तो सभी पर आती है। हालांकि मटन-मछली खाया जा रहा है, लेकिन मांग सबकी गिरी है। 14 तक मुस्लिम सहालग है, इसके बाद रही सही मांग भी खत्म हो जाएगी।

फिश पार्लर पर उतनी ही मांग
शाज आलम एलडीए रोड पर अपना फिश पार्लर चलाते हैं। कहते हैं कि मछली की मांग जैसी थी, उतनी ही है, उस पर किसी तरह का कोई फर्क नहीं है।
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