अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। बिल्डिंग में संचालित एनिमेशन सेंटर पूरी तरह से ऑटोमैटिक था। सेंटर का गेट भी बायोमीट्रिक व्यवस्था से खुलता था। आग लगते ही गेट लॉक हो गया। भीतर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किया लेकिन गेट नहीं खुला। गेट इतना भारी था कि उसको भीतर से तोड़ा भी नहीं जा सका। इसके कारण सेंटर के कर्मचारी और वहां ट्रेनिंग ले रहे लोग अंदर फंस गए। काफी प्रयास के बाद भी लोग बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई।
अग्निकांड का कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। शुरू में जब आग लगी तो कुछ युवक युवतियों ने हिम्मत दिखाते हुए बिल्डिंग का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद बिजली के तार के सहारे तीसरे तल से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ युवक-युवतियां तार के सहारे उतरते हुए नीचे गिर भी गए। आग का विकराल रूप देखकर कुछ युवकों ने सीधे नीचे छलांग लगा दी। हादसे में जान गंवाने वाले मूलरूप से सीतापुर निवासी आदित्य श्रीवास्तव सेंटर में थ्रीडी एनिमेशन का कोर्स कर रहे थे। वह राम राम बैंक चौराहे के पास किराये के मकान में रहते थे। परिवार में पिता आलोक और मां कल्पना हैं। बेटे की मौत की खबर पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बेटे ने बताया था कि सेंटर में हाई लेवल के उपकरण लगे हैं। बिना बायोमीट्रिक के कोई भी भीतर नहीं जा सकता है। आग लगने के दौरान बिल्डिंग की बिजली चली गई थी। इससे सारा सिस्टम ठप हो गया और भीतर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी। - फोटो : संवाद
अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी। - फोटो : संवाद
अलीगंज स्थित बिल्डिंग में अग्निकांड के दौरान राहत और बचाव करते दमकल कर्मी। - फोटो : संवाद
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