दुकानों पर पकौड़े, कचौरी या अन्य खान-पान की चीजें तलने के बाद बचे तेल का फिर से उपयोग करना आम बात है जबकि ये सेहत के लिए खतरनाक है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जिला इकाई ने एक अनूठी पहल करने जा रहा है। इस यूज्ड कुकिंग ऑयल से बायो डीजल बनाया जाएगा।
एफएसडीए की जिला इकाई निजी संस्था अर्श रीसाइक्लिंग मैनेजमेंट संस्था के साथ मिलकर जिले की सभी दुकानों से इस्तेमाल में लाने के बाद बचे खाद्य तेल खरीद कर उसका इस्तेमाल बायो डीजल बनाने में उपयोग शुरू कराएगी। इससे यूज्ड कुकिंग ऑयल में तली भुनी खाद्य सामग्री खाने के कारण दांव पर लगने वाली आम लोगों की सेहत को बचाने में प्रभावी मदद मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट को राजधानी में शुरू किए जाने के संबंध में मंगलवार को एफएसडीए के अभिहीत अधिकारी टीआर रावत ने अर्श रीसाइक्लिंग मैनेजमेंट संस्था की संयोजक आयूषी सब्बरवाल के साथ बैठक कर इस योजना पर सहमति जताई। मैनेजमेंट संस्था एफएसडीए की मदद से राजधानी में यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड आपरेटर्स से खरीदने और एकत्रित करने का कार्य करेगी।
इसके बाद उसे संस्था के प्रोसेसिंग यूनिट में पहुंचाया जाएगा। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि एफएसडीए टीम के मिलकर मैनेजमेंट संस्था जल्दी शहर के सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को अपने साथ जोड़ने की मुहिम चलाएगी।
सेहत के लिए बेहद खतरनाक
गैस्ट्रो सर्जन व फिजिशियन डॉ. संजीब विश्वास बताते हैं कि ऐसे यूज्ड व जल चुके फूड ऑयल के इस्तेमाल से तैयार खाद्य सामग्री का सेवन सेहत दांव पर लगा देता है। यूज्ड कुकिंग ऑयल से बनी सामग्री नियमित तौर पर खाने से आंत में घाव होने, फैटी लिवर, पीलिया, धमनियों में ब्लॉकेज जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
पांच नमूने जांच के लिए लैब भेजे
एफएसडीए की टीमों ने मंगलवार को मोती नगर में एवन आइसक्रीम फैक्ट्री से ऑरेंज आइसकैंडी व डेलिसियस चोकोबार, आर्यानगर न्यू मैक्स आइसक्रीम पार्लर से पैक्ड आइसक्रीम, बंगला बाजार रोड स्थित सुमन फूड प्रोडक्ट से वनीला आइसक्रीम व ऑरेंज आइसकैंडी और कुर्सी रोड बेहटा के विष्णु ट्रेडर्स के यहां से बिक रही माजा मैंगो ड्रिंक के नमूने सील कर जांच के लिए लैब भेजे।