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निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक का रास्ता साफ, 9 अन्य विधेयक भी पास

Fri, 31 Aug 2018 08:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में भी मनमानी फीस वसूली पर रोक के उपायों पर विचार करेगी। विधान परिषद में चर्चा के दौरान नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। वहीं, विधान परिषद में शुक्रवार को सरकारी स्कूलों में शुल्क नियंत्रण के लिए लाए गए विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित किए गए।

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परिषद में पर्याप्त संख्याबल न होने पर भी एक दिन में 10 विधेयकों का पास होना भाजपा सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उप्र. स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क नियमन) विधेयक और लोकतंत्र सेनानी (संशोधन) विधेयक पर विपक्षी सदस्यों ने संशोधन प्रस्ताव रखे, जिन्हें स्वीकार नहीं किया गया। 

फीस नियंत्रण विधेयक पर चर्चा के दौरान सपा के सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि 20 हजार रुपये के बजाय 12 हजार रुपये तक सालाना फीस लेने वाले संस्थानों को इसके दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने इसमें लिंग असमानता दूर करते हुए छात्र के साथ छात्रा और अध्यापक के साथ अध्यापिका शब्द जोड़ने का सुझाव दिया।
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साथ ही उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की नियमावली में स्कूल संचालक यह एफिडेविट देते हैं कि वे स्कूल बसों का संचालन निशुल्क करेंगे। इसलिए शुल्क नियमन विधेयक में परिवहन शुल्क की व्यवस्था नियमविरुद्ध है। उमेश द्विवेदी ने कहा कि इसमें यह नहीं बताया गया है कि शिक्षकों का न्यूनतम वेतन क्या होगा।

निर्दल समूह की कांति सिंह ने कोचिंग संस्थानों को भी इसके दायरे में लाने का सुझाव दिया। सदस्य संजय मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र में इंटरमीडिएट तक की शिक्षा मुफ्त देने की बात कही थी, फिर शुल्क नियमन की बात क्यों हो रही है। नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि हमारी पार्टी की नीति निशुल्क शिक्षा की है। लेकिन हम विधेयक का विरोध करेंगे तो भाजपा इसका चुनाव में लाभ लेगी।

इस विधेयक से अधिकारियों का भ्रष्टाचार बढ़ेगा। इन स्कूलों में गरीब बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था की जाए। इस पर नेता सदन डॉ. शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज, अभिभावक व शिक्षक संघों और आम लोगों की राय लेकर यह विधेयक तैयार किया गया। इसलिए स्कूल प्रबंधक जब इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए तो वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

हमारा विधेयक मॉडल बनेगा और अभिभावकों को राहत मिलेगी। एक संशोधन प्रस्ताव के जवाब में उन्होंने कहा कि जल्द ही उच्च शिक्षा में फीस नियमन की भी व्यवस्था की जाएगी। कोचिंग के पहले से बने नियमों का परीक्षण किया जाएगा।

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ये विधेयक भी हुए पास

सपा के शशांक यादव और शतरुद्र प्रकाश ने उप्र. लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक- 2018 के प्रावधानों में और स्पष्टता लाने का सुझाव रखा, लेकिन इसे जस का तस पास कर दिया गया। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता (उप्र.) विधेयक-2018, डॉ. मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान विधेयक-2015, उप्र. शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2018, उप्र. प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन)(संशोधन) विधेयक-2018, उप्र. शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक-2018 और उप्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक भी पास दिए गए। 
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