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बड़ा खुलासा: यूपी के एक करोड़ स्कूली बच्चों का आधार बायोमीट्रिक अपडेशन नहीं, आ सकती हैं ये समस्याएं

Wed, 26 Nov 2025 07:34 AM IST
रोहित मिश्र सूरज शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क

सार

Aadhaar for School Children: प्रदेश में अभी एक करोड़ स्कूली बच्चों का आधार बायोमीट्रिक अपडेशन बाकी है। अपडेशन न होने से भविष्य में कई समस्याएं आ सकती हैं। 
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स्कूली बच्चों का आधार कार्ड।
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विस्तार
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 प्रदेश में अभी एक करोड़ स्कूली बच्चों का आधार बायोमीट्रिक अपडेशन बाकी है। जिन बच्चों का बायोमीट्रिक अपडेट नहीं होगा उनको भविष्य में दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने, छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो सकती है। एक तय समय के बाद बिना अपडेट आधार निलंबित भी हो सकते हैं। इसलिए बायोमीट्रिक अपडेट करवाना अनिवार्य है।

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नियमानुसार पांच वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बच्चों व किशोर-किशोरियों के आधार में फिंगर प्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ अपडेट करवाना अनिवार्य है। प्रदेश के 2.63 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले एक करोड़ बच्चों के आधार में बायोमीट्रिक अपडेट होना बाकी है। इनमें से 4438 स्कूल सिर्फ लखनऊ के हैं। यहां के 2.50 लाख बच्चों का बायोमीट्रिक अपडेशन बाकी है। यूआईडीएआई की तरफ से इसको लेकर जागरूकता शिविर भी जाए जा रहे हैं जिससे सभी को जानकारी हो सके और वो आधार अपडेट करवाएं।

संदेश को न करें नजरअंदाज
यूआईडीएआई के अफसरों ने बताया कि जिनका आधार अपडेट होना है उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संदेश भेजे जा रहे हैं। बच्चों के आधार कार्ड में माता-पिता या अभिभावक के नंबर रजिस्टर्ड हैं तो उनको भी मेसेज भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों काे नजरअंदाज न करें। आधार कार्ड जरूर अपडेट करवा लें।
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अपडेट करवाने को दी जा रही सहूलियत
यूआईडीएआई के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। कैंप में बच्चों का आधार निशुल्क अपडेट किया जा रहा है। इसके अलावा आधार को ऑफिस में जाकर भी अपडेट कराया जा सकता है।

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राजधानी के ढाई लाख बच्चों का आधार है अधूरा

 यूपी के एक करोड़ स्कूली बच्चों का आधार अधूरा है। इनके आधार में बायोमेट्रिक अपडेशन बाकी है। लखनऊ में ऐसे स्कूली बच्चों की संख्या करीब ढाई लाख है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अफसरों के अनुसार, जिन बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होगा उनको भविष्य में दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेने, छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। एक तय समय के बाद बिना अपडेट के बच्चे का आधार निलंबित भी हो सकते हैं। इसलिए प्रत्येक बच्चे का बायोमेट्रिक अपडेट करवाना अनिवार्य है।

नियमानुसार पांच वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बच्चों व किशोर-किशोरियों के आधार में फिंगर प्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ अपडेट करवाना अनिवार्य है। प्रदेश के 2.63 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले चार करोड़ बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक अपडेट होना बाकी है। लखनऊ में 4,438 स्कूलों में पढ़ने वाले 2.50 लाख बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पेंडिंग है। यूआईडीएआई की तरफ से इसको लेकर जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं जिससे सभी अभिभावकों को इसकी जानकारी हो सके और वो अपने बच्चों का आधार अपडेट करवाएं।
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