ट्रेड लाइसेंस के लिए उद्यमियों को अब हर साल नगर निकायों का चक्कर लगाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। उनको अब एक साथ कम से कम तीन और अधिकतम पांच साल तक के लिए ऑनलाइन लाइसेंस जारी किए जाएंगे। उद्यमियों की सहूलियत के ट्रेड लाइसेंस जारी करने को प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया है। यहीं नहीं उनकों लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए भी अब हर साल भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए भी ‘ऑटो रिन्युअल मॉड्यूल’ विकसित किया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से उद्यमियों को शोषण से भी मुक्ति मिलेगी।
दरअसल किसी भी नगर निकायों द्वारा कई मदों में लाइसेंस जारी किए जाने का प्रावधान है। जिसमें निकाय के सीमा क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए भी ट्रेड लाइसेंस जारी किए जाते हैं। अब तक की व्यवस्था के मुताबिक सिर्फ एक साल के लिए ही ट्रेड लाइसेेंस जारी किए जाते हैं। जिसमें उद्यमियों को हार लाइसेंस लेने के लिए जहां बार-बार नगर निकायों का चक्कर लगाना पड़ता है, वहीं लाइसेंस जारी करने के एवज में उनका शोषण भी किया जाता है। इसी तरह लाइसेंस पर लगने वाले शुल्क निर्धारण में भी उद्यमियों को परेशानी होती है। साथ ही लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के भी फिर वहीं प्रक्रिया दोहराने पड़ते हैं।
इन स्थितियों को देखते हुए ही केन्द्रीय उद्योग एवं आंतरिक व्यापारा विभाग द्वारा तैयार किए ‘बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान-2020’ में ट्रेड लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था को और सरल करने केसाथ ही दीर्घकालीन लाइसेंस जारी करने की संस्तुति की गई है। इसके मद्देनजर ही नगर विकास विभाग ने ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था को और सरल बनाकर इसे तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है। प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार की ओर से इस सबंध में सभी नगर निकायों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एकमुश्त शुल्क जमा करने पर ही मिलेगा दीर्घकालीन लाइसेंस
ट्रेड लाइसेंस जारी करने की नई व्यवस्था में लाइसेंस जारी करने के साथ ही उसके नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। इसी तरह एक साल के स्थान पर अब अधिकतम पांच और कम से कम तीन साल तक के लिए ट्रेड लाइसेंस जारी किए जाएंगे। अलबत्ता यह सुविधा उन उद्यमियों को ही दीर्घकालिक अवधि के लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जो एकमुश्त लाइसेंस शुल्क जमा करेंगे। अन्यथा उद्यमी द्वारा हर साल नियमित तौर पर लाइसेंस शुल्क जमा करने पर ही लाइसेंस की अवधि बढ़ेगी।