चुनावी सीजन में सराफा व्यापारियों को आयकर विभाग ने बड़ी राहत दी है। सोना-चांदी या अन्य कीमती रत्नों के आवागमन के दौरान वैध दस्तावेज होने पर न तो उन्हें जब्त किया जाएगा और न ही पूछताछ की जाएगी। उन्हें मौके पर ही छोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चुनाव प्रकोष्ठ ने जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
चुनाव के दौरान सोना-चांदी, कीमती रत्न, बुलियन आदि के आवागमन को लेकर सराफा व्यापारी सशंकित रहते हैं। सराफा संगठनों की शिकायत थी कि जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद आयकर अधिकारी जांच के नाम पर माल सीज कर देते हैं। इससे व्यापारियों में भय का माहौल व्याप्त होता है और कारोबार पर बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि चुनाव के दौरान अधिकांश सराफा बाजारों में सन्नाटा छाया रहता है।
शादियों के सीजन के बीच चुनाव पड़ने पर समस्या और विकट हो जाती है क्योंकि ग्राहक भी कई बार आयकर अधिकारियों के सवालों में फंस जाते हैं। इसे लेकर आल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने सीबीडीटी से राहत देने का अनुरोध किया था। बोर्ड ने कारोबारियों की समस्या को गंभीरता से लिया। इस संबंध में सभी आयकर विंग को ज्वैलरी व अन्य कीमती उत्पादों को सीज करने से संबंधित आयकर नियमों का पुन: अवलोकन करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें कहा गया है कि अगर कीमती धातु और रत्नों की आवाजाही के साथ उचित दस्तावेज जैसे मूल टैक्स इनवायस, सर्टिफाइड स्टाक विवरण, कीमती धातु के मालिक का अधिकृत पत्र और फोटो आईडी कार्ड है तो चुनाव आचार संहिता के दौरान उन्हें जब्त नहीं किया जाएगा। आयकर विभाग ने सभी सराफा संगठनों से कहा है कि अपने सदस्यों को उचित दस्तावेजों के साथ माल भेजने के लिए कहें ताकि जल्द सत्यापन के साथ किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।