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सराफा हड़ताल से यूपी को रोज तीन करोड़ का नुकसान

Fri, 04 Mar 2016 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश के छह हजार सराफा कारोबारी ब्रांडेड एवं अनब्रांडेड ज्वैलरी पर 14.5 फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में 2 मार्च से देशव्यापी हड़ताल पर हैं।
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यूपी में रोजाना 300 करोड़ रुपये का कारोबार ठप होने से राज्य सरकार को रोजाना तीन करोड़ रुपये के राजस्व की चपत लग रही है। वहीं केंद्र सरकार को रोजाना 30 करोड़ की कस्टम ड्यूटी से हाथ धोना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष महेश जैन (कानपुर) ने गुरुवार को बताया कि सराफा कारोबार में लखनऊ नंबर एक, कानपुर नंबर दो एवं आगरा नंबर तीन पर है। इन तीन महानगरों से सोने एवं चांदी के बुलियन और ज्वैलरी का कारोबार पूरे यूपी में होता है, जो औसतन 200 करोड़ रुपये रोजाना है।
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इन शहरों से हर रोज होता है 300 करोड़ का कारोबार

सोने एवं चांदी पर एक फीसदी वैट और 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है। वहीं, एसोसिएशन सूत्र बताते हैं कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, मथुरा, गोरखपुर, इलाहाबाद, वाराणसी में रोजाना 300 करोड़ रुपये का सर्राफा कारोबार होता है।

इसमें सबसे अधिक सोने एवं चांदी की खरीद-फरोख्त लखनऊ में होती है। हड़ताल के चलते जब कारोबार नहीं होगा, तो यूपी एवं केंद्र सरकार को राजस्व नहीं मिलेगा।

नहीं बताते सही कारोबारी आंकड़े
सराफा कारोबारी हड़ताल के दौरान कारोबार के सही आंकड़े नहीं बताते। हड़ताल के पहले दिन कारोबारियों ने लखनऊ में एक दिन का एक अरब का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया था।

हड़ताल के दूसरे दिन कारोबारियों ने पूरे प्रदेश का कारोबार 200 करोड़ होने का दावा कर दिया। आश्चर्य की बात यह कि सोने एवं चांदी की खरीद-फरोख्त के सही आंकड़े वाणिज्य कर विभाग के पास भी नहीं हैं।
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