प्रभारी अधिकारी ने बताया कि कोरोना के मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कमांड सेंटर में तीन शिफ्टों में डॉक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। होम आइसोलेशन के मरीजों के फॉलोअप, दवा वितरण व चिकित्सकीय परामर्श के लिए सीएचसी पर शिक्षकों व डॉक्टरों की विंग बनी है।
मरीज के पॉजिटिव आने के बाद सीएचसी की शिक्षक व डॉक्टर की विंग मरीजों से बात करती है। उन्हें यदि अस्पताल की आवश्यकता होती है तो उनकी सूची कमांड सेंटर भेजती है। इसके बाद कमांड सेंटर गंभीरता का आंकलन कर अस्पताल आवंटित करता है।
प्रभारी अधिकारी ने कहा कि सीएचसी से आने वाले जिस केस में अस्पताल की जरूरत हो उसका उसी दिन फॉलोअप लिया जाए। कमांड सेंटर के डॉक्टर रोजाना शिक्षकों द्वारा कॉल किए गए केसों से बात कर क्रॉस वेरिफिकेशन करें।
प्रभारी अधिकारी ने बताया कि गत 6, 7 व 8 मई को जिला प्रशासन और कमांड सेंटर के सहयोग से क्रमश: 147, 163 और 136 यानी कुल 446 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने जिले के लोगों को आश्वस्त किया है कि बेड की कोई कमी नहीं है। ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कमांड सेंटर से लगातार मरीजों को भर्ती कराया जा रहा है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।