हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आदेश दिया है कि अंतर्जातीय विवाह करने वाले अगर वयस्क हैं और उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है तो उन्हें परेशान न किया जाए। कोर्ट ने इस मामले में सर्वोच्च अदालत के आदेशों का पालन किए जाने की ताकीद की है।
न्यायमूर्ति अनिल कुमार व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश शिवानी सिंह व अन्य, मनीष विश्वकर्मा व अन्य, श्याम मनोहर व अन्य तथा अनूपा देवी व अन्य आदि की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। याचियों का कहना था कि उन्होंने स्वेच्छा से विवाह किया है।