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UP Budget 2023: योगी सरकार ने पेश किया भारी-भरकम बजट, पढ़ें बजट से जुड़ी 10 बड़ी घोषणाएं

Thu, 23 Feb 2023 12:23 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पेश किए गए बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। बजट का आकार छह लाख 90 हजार दो सौ 42 करोड़ 43 लाख रुपये है। पढ़ें महत्वपूर्ण घोषणाएं...
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बजट पेश करते वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
योगी सरकार 2.0 ने बुधवार को अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश किया। बजट का आकार छह लाख 90 हजार दो सौ 42 करोड़ 43 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बजट का आकार हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है। बीते वर्ष जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया फिर भी राजस्व की वृद्घि हुई है।

उन्होंने कहा जनता को महंगाई से राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर वैट कम किया है। प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया गया है। यही कारण है कि आने वाले समय में 21 एयरपोर्ट वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा।




यहां पढ़ें बजट से जुड़ी बड़ी घोषणाएं...

- प्रदेश के छात्र-छात्राओं को टैबलेट व स्मार्ट फोन के लिए 3600 करोड़ रुपये देने का एलान किया गया है। 

- वाराणसी-गोरखपुर में मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपये का एलान।

- झांसी-चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 235 करोड़ रुपये का एलान।

- स्वास्थ्य व्यवस्था पर 12,650 करोड़ रुपये खर्च का एलान।

- प्रदेश में फार्मा पार्कों की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये देने का एलान।

- प्रदेश के सभी जिलों में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने के उद्देश्य के तहत 14 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
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- फोटो : amar ujala
- लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र तथा नगर क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास तथा वाराणसी एवं अन्य शहरों में रोप-वे सेवा विकसित किये जाने हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

- कानपुर मेट्रो रेल परियोजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023- 2024 में 585 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था का प्रस्ताव है।

- आगरा मेट्रो रेल परियोजना हेतु 465 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था का प्रस्ताव है।

- दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वित्तीय वर्ष 2023- 2024 में 1306 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। 

- वाराणसी, गोरखपुर व अन्य शहरों में मेट्रो रेल परियोजना के कियान्वयन हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

- मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण / नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। 

- गोरखपुर नगर स्थित गोडधोड्या नाला एवं रामगढ़ ताल के जीर्णोद्धार तथा इंटरसेप्शन, डाइवर्जन एवं ट्रीटमेंट सम्बन्धी परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण के लिए 650 करोड़ 10 लाख रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

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- फोटो : amar ujala
- उत्तर प्रदेश के कृषकों की दुर्घटनावश मृत्यु व दिव्यांगता की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 14 सितम्बर, 2019 से लागू है। इस योजना के अन्तर्गत कृषक की परिभाषा का विस्तार किया गया है। योजना के अन्तर्गत दुर्घटनावश मृत्यु व दिव्यांगता की दशा में अधिकतम 5 लाख रुपये दिये जाने का प्रावधान है। योजना हेतु 750 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।

- निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा हेतु प्रत्येक राजस्व मण्डल में 1000 बालक व बालिकाओं के लिये कक्षा 06 से कक्षा-12 तक अध्ययन हेतु अटल आवासीय विद्यालय निर्माणाधीन हैं । इन विद्यालयों का संचालन आगामी सत्र 2023 2024 से प्रारम्भ किया जाना है। अवशेष निर्माण कार्य हेतु 63 करोड़ रुपये तथा उपकरण आदि के क्रय हेतु लगभग 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

- मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत पंजीकृत महिला श्रमिक के संस्थागत प्रसव की दशा में निर्धारित तीन माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि एवं रुपये 1000 को चिकित्सा बोनस तथा पंजीकृत पुरूष कामगारों की पत्नियों को रुपये 6000 एकमुश्त में दिये जाने का प्रावधान है । 

- अधिकतम दो नवजात शिशुओं के पोष्टिक आहार हेतु लड़का पैदा होने पर एकमुश्त रुपये 20,000 तथा लड़की पैदा होने की स्थिति में रुपये 25,000 बतौर सावधि जमा जो 18 वर्ष के लिए होगा, भुगतान किया जायेगा।

- जन्म से दिव्यांग बालिकाओं को रुपये 50,000 बतौर सावधि जमा जो 18 वर्ष के लिए होगा, भुगतान किये जाने का प्रावधान है।

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- फोटो : amar ujala
शक्ति पीठ माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर के समेकित पर्यटन विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रयागराज के समेकित विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

इसी तरह बौद्ध परिपथ के समेकित पर्यटन विकास हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 40 करोड़ रूपये, बुन्देलखण्ड का समेकित पर्यटन विकास हेतु 40 करोड़ रुपये, शुकतीर्थ धाम का समेकित पर्यटन विकास हेतु 10 करोड़ रुपये, प्रदेश में युवा पर्यटन को बढ़ावा देना हेतु 2 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म, लखनऊ बोर्ड की स्थापना हेतु 2.50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
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- फोटो : amar ujala
खेलो इंण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिये 30 करोड़ रुपये व प्रदेश में निजी सहभागिता से खेल अवस्थापनाओं के निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार योजना हेतु 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। खेल विकास कोष की स्थापना हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मेरठ में मेजर ध्यान चन्द्र खेल विश्वविद्यालय की स्थापना किये जाने के लिए  300 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
महत्वपूर्ण घोषणाएं
- प्रदेश में ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना होगी जिस पर 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
-मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण व नए शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 2023-2024 में 12,39,877 आवासों का लक्ष्य प्रस्तावित है। योजना हेतु 9000 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था दी गई है।
- आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा 16 घरेलू एयरपोर्ट समेत कुल 21 एयरपोर्ट क्रियाशील हो जाएंगे।
- महाकुंभ मेला, 2025 की तैयारी के लिए 2,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 
- आकांक्षी नागर योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है।
- मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1203 करोड़ रुपए प्रस्तावित।
- केंद्र सरकार की मदद से पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) नामक नई योजना के लिए 510 करोड़ रुपए का बजट। 
- ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की नई योजना के लिए 300 करोड़ रुपए।
- खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए 30 करोड़ रुपए की व्यवस्था। 
- मेरठ में मेजर ध्यानचंद्र खेल विश्विद्यालय की स्थापना के लिए 300 करोड़ रुपए।
-14 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना एवं संचालन के लिए 2491 करोड़ 39 लाख का बजट। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
बजट एक नजर में 
बजट का आकारः 6,90,242.43 करोड़ रुपए 
नई योजनाओं पर खर्चः 32,721.96 करोड़ रुपए
कुल प्राप्तियां - 6,83,292.74 करोड़ रुपए
राजस्व प्राप्तियां – 5,70,865.66 करोड़ रुपए 
पूंजीगत प्राप्तियां – 1,12,427.08 करोड़ रुपए 
कर राजस्वः 4,45,871.59 करोड़ रुपए 
राज्य कर राजस्वः 2,62,634 करोड़ रुपए 
केंद्रीय करों में राज्य का अंशः 1,83,237.59 करोड़ रुपए 
कुल व्यय (अनुमानित)- 6,90,242.43 करोड़ रुपए
राजस्व बचतः 68,511.65 करोड़ रुपए 
राजकोषीय घाटाः 84,883.16 करोड़ रुपए
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लाख रोकें ये अंधेरे मेरा रास्ता लेकिन...मैं जिधर जाऊंगा रोशनी ले जाऊंगा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान कविताओं और शायरी के जरिये नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर तंज भी कसे। वहीं बजट की तस्वीर भी पेश करने का प्रयास किया। अपने चिरपरिचित अंदाज में खन्ना ने सामने बैठे नेता प्रतिपक्ष को देखते हुए शायरी और कविताएं पढ़ी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुद को हंसी का ठहाका लगाने से नहीं रोक सके। योगी ने हर शायरी और कविता के बाद मेज थपथपाते हुए ठहाका लगाया। खन्ना ने होली से पहले पेश हो रहे बजट को प्रदेश की जनता के लिए सौगात बताते हुए कहा, योगी जी का बजट बना है यूपी की खुशहाली को, यह अद्भुत रंगीन करेगा आने वाली होली को। प्रदेश सरकार का सबसे मजबूत हथियार बनी प्रदेश की सुधरी कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास पर आधारित कविता से विपक्ष पर तंज कसा।

सुधर गई है कानून व्यवस्था। उद्योगों की अलख जगी। यूपी बना ग्रोथ का इंजन। यह सब पहली दफा समझ। फकत किनारे बैठे बैठे। लहरों से मत सवाल कर। डूब के खुद गहरे पानी में। पानी का फलसफा समझ।

खन्ना ने श्रम विभाग और खेती किसानों से जुड़ी घोषणाएं पेश करने से पहले कविता पेश करते हुए कहा...
श्रम के जल से राह सदा सिंचती है। गति मशाल आंधी में ही हंसती है। छालों से ही श्रृंगार पथिक का  होता है। वो विपरीत परिस्थितियों में चलने का आदी है। मंजिल की मांग लहू से ही सजती है।

खन्ना ने कोरोना काल में यूपी की चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा का बजट प्रस्तुत करते हुए विपक्ष पर शायरी के साथ तंज कसा।
मंजिले लाख कठिन आएं तो गुजर जाऊंगा। हौंसले हार के बैठूंगा तो मर जाऊंगा। लाख रोकें ये अंधेरे मेरा रास्ता लेकिन। मैं जिधर जाऊंगा रोशनी ले जाऊंगा।


वित्त मंत्री ने बीते छह वर्ष में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में हुई तरक्की की उपलब्धि बताते हुए फिर विपक्ष पर तंज कसा।
हमारे पंखों पर कौन विराम लगा सकता है। जब हमें नियति से उड़ने का वरदान मिला।

वित्त मंत्री ने ऊर्जा विभाग की उपलब्धियां और बजट पेश करने और अतिरिक्त उर्जा विभाग की योजनाएं पेश करते हुए कहा...
इस चमन को कभी सहरा नहीं होने दूंगा। मर मिटूंगा मगर ऐसा नहीं होने दूंगा। जब तलक भी मेरी पलकों पे दिए हैं रोशन। अपनी नगरी में, अंधेरा नहीं होने दूंगा।

खन्ना ने संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की घोषणाओं के जरिये राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने वाली घोषणा करते हुए कविता पेश की...
मैं पंछी तूफानों से राह बनाता। मेरा राजनीति से केवल इतना नाता। तुम मुझे रोकते हो अवरोध बिछाकर। मैं उसे हटाकर आगे बढ़ते जाता।

खन्ना ने बजट के अंत में कहा कि मोदी और योगी की सर्वसमावेशी और त्वरित विकास की रणनीति पर आधारित विकास यात्रा ने विरोधियों के स्वर को धीमा कर दिया है। इस बात का द्योतक है, हमारी कार्यप्रणाली ने सभी को प्रभावित किया है। बजट में लिखित अंतिम शेर के जरिये विपक्ष पर कटाक्ष किया।
हमने तो समंदर के रूख बदले हैं। मोदी-योगी ने सोचने के सलीके बदले हैं। आप कहते थे कुछ नहीं होगा। हमने आपके भी सोचने के तरीके बदले हैं।

वित्त मंत्री ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘‘सैनानी करो प्रयाण अभय, भावी इतिहास तुम्हारा है, ये नखत अमा के बुझते हैं सारा आकाश तुम्हारा है’’ कविता के साथ बजट भाषण समाप्त किया।

जयश्रीराम से शुरू और जय श्रीराम पर समाप्त
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जैसे ही बजट प्रस्ताव सदन में पढ़ना शुरू किया वैसे ही भाजपा विधायकों ने जयश्रीराम के नारे लगाए। बजट भाषण समाप्त होने के बाद भी सदन जयश्रीराम के नारों से गूंज उठा।

काली शेरवानी में आए अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव सदन में काली शेरवानी पहनकर आए। सपा के कुछ विधायक भी काली शेरवानी पहनकर सदन में पहुंचे।

सीएम और अखिलेश ने दूर से किया अभिवादन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता  प्रतिपक्ष ने सदन में एक दूसरे को दूर से प्रणाम कर अभिवादन किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी नेता प्रतिपक्ष को हाथ जोड़कर नमस्कार किया।

शिवपाल के पास आए पुराने करीबी
शिवपाल यादव के कुछ करीबी इन दिनों भाजपा के विधायक हैं। बुधवार को विधानसभा में उनमें से अधिकतर विधायक शिवपाल के पास आकर उनसे मिले। शिवपाल ने भी गर्मजोशी से उनसे मुलाकात कर उनकी पीठ भी थपथपाई।

एक घंटे एक मिनट में पेश हुआ बजट
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 11.01 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। एक घंटे एक मिनट 12 सेकंड में बजट भाषण पढ़ा। अखिलेश यादव सुबह 10.55 बजे सदन में पहुंचे। वहीं सीएम और वित्त मंत्री सुबह 10.56 बजे सदन में पहुंचे।
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