उधर, उन्नाव के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी और वर्तमान में बस्ती में तैनात गजराज सिंह को धमियाना में गड़बड़ी करने पर सहायक चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर भेजा गया है। इसी तरह से मुजफ्फरनगर के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी व वर्तमान में संभल में तैनात लखीराम जोशी को सहायक चकबंदी अधिकारी के पद के मूल वेतन पर भेजा गयाहै।
ऐसे ही खीरी के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी आदित्य नारायण झा ने वन विभाग की बेशकीमती जमीन ही कुछ लोगों के नाम कर दी। उनकी तीन वेतन वृद्धियां रोक दी गई हैं। झा अभी बाराबंकी में तैनात हैं।
शाहजहांपुर के सहायक चकबंदी अधिकारी सुरेश कुमार शर्मा को नियम विरुद्ध ढंग से चक बनाने पर मूल वेतन पर भेजा गया है। ऐसे ही फैजाबाद के तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी सुजीत कुमार श्रीवास्तव को भी मूल वेतन पर भेजा गया है। अभी बिजनौर में तैनात श्रीवास्तव के खिलाफ बिना पक्षकारों को सुने अनियमित आदेश पारित करने के आरोप सही पाए गए।
इसके अलावा गोंडा की ग्राम पंचायत अंदूपुर में गलत आदेश का अनुपालन कराए जाने पर चकबंदीकर्ता मो. असलम, सहायक चकबंदी अधिकारी राम नेवाज वर्मा और चकबंदी अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को आरोप पत्र जारी करके विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है।