नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद के लिए ताजपोशी परिणाम आने के बाद ही निश्चित होगी लेकिन उनकी क्षमताओं पर आकलनों का दौर शुरू हो चुका है।
बीएचयू वीसी प्रो. लालजी सिंह ने वाराणसी से भाजपा प्रत्याशी और प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी को अपनी छवि बनाने के लिए मौका दिए जाने की बात कही है।
प्रो. सिंह का कहना है कि लोग भ्रष्ट हो चुकी व्यवस्था के बीच विकल्प तलाश रहे हैं। उनका कहना था कि हालांकि मोदी विकल्प बन पाएंगे कि नहीं यह कहना जल्दबाजी होगा।
भ्रष्टाचार के लिए सभी जिम्मेदार
सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीएचयू वीसी ने बनारस की राजनीति और मोदी की विकासपरक छवि बनाए जाने पर बात की।
उनका कहना था कि जब देश विकास कर रहा था। उस समय देश की राजनीतिक व्यवस्था भ्रष्टाचार का शिकार थी। ऐसा क्यों हुआ?
सभी राजनीतिक दलों के कारण भ्रष्टाचार बढ़ा। ऐसे में लोग विकल्प तलाशने लगे। अब मोदी यह विकल्प बन पाए, कहना बहुत जल्दी होगा। अभी मौका दीजिए। इसे अभी प्रीडिक्ट करना भी सही नहीं होगा।
पिछले दिनों एएमयू के वीसी जमीरुद्दीन शाह के बयान ‘जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी को बदल देगी’, पर उनका कहना था कि मोदी बदलेंगे या नहीं यह तो सरकार चलाएंगे तभी पता चलेगा। इस पर मेरा कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगा।
राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं
बीएचयू को हिंदुत्व का केंद्र कहे जाने को वीसी प्रो. सिंह ने पूर्वाग्रह बताया। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी हिंदुत्व का केंद्र नहीं है। यूनिवर्सिटी का आरएसएस या दूसरी ऐसी संस्थाओं से भी कोई संबंध नहीं है।
प्रो. सिंह का कहना था कि भाजपा को कोई राजनीतिक कार्यक्रम करने की अनुमति यूनिवर्सिटी ने नहीं दी। प्रशासन ने मोदी के इस्तेमाल के लिए हैलीपेड बनाया।
इसके बाद प्रशासन अपनी सुरक्षा में ही उन्हें बाहर निकाल कर ले गया। इसमें यूनिवर्सिटी को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की बात ही नहीं बनती।