रायबरेली। आठ साल बाद भवानी पेपर मिल फिर से शुरू हो सकेगी। करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वाराणसी की गंगा पेपर मिल के मालिक आरके चौधरी ने 23 मार्च को भवानी पेपर मिल को हैंडओवर कर लिया। मिल के अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन किए गए आवेदन में इस मिल को 45 करोड़ 30 लाख रुपये में खरीदा गया। मिल की सफाई और मेंटेनेंस का काम शुरू करा दिया गया है। पांच माह में मिल शुरू हो जाएगी।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयास से 1982 में आईटीआई के पास 42 एकड़ में भवानी पेपर मिल शुरू कराई गई थी। मिल में 950 कर्मचारी काम करते थे। यहां पर बनने वाला पेपर लखनऊ, कानपुर व प्रयागराज भेजा जाता था। कर्मचारियों व प्रबंधन में टकराव के कारण मिल घाटे में चली गई और 2015 में इसमें ताला लटक गया। कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया था, जबकि कुछ कर्मचारी रिटायर हो गए थे। मिल को बेचने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। मिल को गंगा पेपर मिल के मालिक ने खरीद लिया है।
एनसीएलटी ने किया हैंडओवर
2015 में मिल में ताला लग गया। बाद में मामला नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में चला गया। 25 अक्तूबर को मिल को नीलाम कर दिया गया। वाराणसी के उद्यमी आरके चौधरी ने मिल को खरीद लिया। नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल ने आरके चौधरी को मिल हैंडओवर कर दिया था। 2021 में ही मिल को हैंडओवर कर दिया गया था, लेकिन बाद में फिर मामला कोर्ट चला गया। अब मिल को चलाने का रास्ता साफ हो गया।
भवानी पेपर मिल का संचालन होने से जिले के लोगों को रोजगार मिल सकेगा। यह जिले के लिए एक सौगात है।
कर्नल बीआर कुशवाहा, जीएम, भवानी पेपर मिल
23 मार्च 2023 को भवानी पेपर मिल को हैंडओवर कर लिया गया है। पांच माह में मिल को शुरू कराने की योजना है। मिल के पुराने कर्मचारियों को भी नौकरी करने का मौका मिलेगा। युवाओं को मिल में काम करने का मौका दिया जाएगा।
आरके चौधरी, चेयरमैन, भवानी पेपर मिल