लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 116 पदों पर संविदा शिक्षकों की भर्ती के लिए शुरू हुई प्रक्रिया 11 महीने बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में नए सत्र में पढ़ाई की व्यवस्था बेपटरी होने की आशंका है।
पूर्व कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बीते वर्ष अप्रैल में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसकी आवेदन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। फिर प्रो. एनबी सिंह का चयन राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ़ में कुलपति पद पर हो गया और भर्ती प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।
इन पदों में प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 27 और असिस्टेंट प्रोफेसरों के 74 पद थे। 116 पदों पर 500 से अधिक आवेदकों ने फॉर्म भरे थे। भर्ती न होने से ये आवेदन भी परेशान हैं।
भाषा विवि ने बीते कुछ वर्षों में फार्मेसी, एलएलबी और इंजीनियरिंग जैसे स्ववित्तपोषित कोर्स शुरू किए हैं। ऐसे में यहां बड़े पैमाने पर शिक्षकों की जरूरत है। इसे देखते हुए यह भर्ती विज्ञापन जारी हुआ था।