लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय पद्मश्री प्रो. अशोक चक्रधर के साथ मिलकर भाषा के विकास व शोध पर कार्य करेगा। इसके लिए जल्द ही एक टास्क फोर्स बनाकर काम शुरू किया जाएगा। सोमवार को हुए दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि साहित्यकार प्रो. चक्रधर ने शब्दों के मानकीकरण और प्रौद्योगिकी के साथ गठजोड़ कर काम करने का आह्वान किया था। इस पर विवि प्रशासन ने काम शुरू करने की कवायद शुरू की है।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व प्रो. चक्रधर ने जो भी सुझाव दिए हैं, उस पर काम करके विवि को भाषा के विकास के क्षेत्र में आदर्श संस्थान बनाएंगे। पूर्व में एक कमेटी का गठन किया जा चुका है। जल्द ही एक टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो देश भर के प्रमुख भाषाविदों से संपर्क कर एक राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस करेगी। इसमें निकलने वाले निष्कर्षों का एक शोध पत्र भी प्रकाशित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम नेशनल एंड इंटरनेशनल नॉलेज एक्रीडिएशन स्टैंडर्ड फॉर हिंदी (निकष) और इंडियाज मल्टी लैंग्वेजेज इंटरैक्टिव इंफार्मेशन (इमली) पर भी काम करेंगे। इसके माध्यम से सूचनाओं के आदान-प्रदान में भाषा की विविधता, भाषाओं को जोड़ने व उसके विकास के लिए काम होगा। इसी क्रम में भाषा विवि को प्रौद्योगिकी से जोड़ने के लिए हम पहले से काम कर रहे हैं। वन व्यू एप बनाया गया है। परीक्षा फार्म ऑनलाइन भरने की व्यवस्था की है। इंटरनेट स्पीड बढ़ाई गई है। डिजिटल कंटेंट तैयार किए जा रहे हैं।