छात्राओं को पदक वितरित करतीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
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मेरा सपना प्रोफेसर बनना है- रहमाना
दीक्षांत के मौके पर रहमाना ने बताया की उन्हें उर्दू, अरबी फारसी, कला एवं मानविकी संकाय और बीए उर्दू में प्रथम आने पर मुझे तीन स्वर्ण पद मिलें हैं। पिता इजहार सिद्दीकी फैशन डिजाइनर और मां सुमैया गृहिणी हैं। रहमाना ने कहा मेरा सपना है जिस विश्वविद्यालय में पढ़ रही हूं, वहीं प्रोफेसर बनूं।
मुझे इंजीनियर बनना है- अपूर्व
दीक्षांत के मौके पर अपूर्व द्विवेदी ने बताया उन्होंने अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय और बीटेक में प्रथम आने पर तीन स्वर्ण पदक मिलें हैं। वह आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहें हैं। अपूर्व ने कहा मुझे इंजीनियर बनना है। पिता हरिकेश द्विवेदी शिक्षक और मां सरोज द्विवेदी गृहिणी हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है- धर्मेश
दीक्षांत में धर्मेश यादव ने बताया स्नातक स्तर पर सभी संकाय में प्रथम, विज्ञान संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने व बीएससी-रसायन में प्रथम आने पर तीन स्वर्ण पदक उन्हें मिलें हैं । पिता बृजकिशोर यादव किसान और मां मनोरमा देवी गृहिणी हैं। उनका सपना असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है।
मेरा लक्ष्य प्रोफेसर बनना है- तनु
दीक्षांत में तनु प्रिया ने बताया कि स्नातक में सामाजिक विज्ञान, बीएड में पहला स्थान मिलने पर दो स्वर्ण पदक मिलें हैं। पिता बज्रनाथ इलेक्टिकल इंजीनियर और मां सुभाषिनी गृहिणी हैं। मेरा लक्ष्य प्रोफेसर बनना है।