लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विवि आगामी सत्र से तीन विषयों में परास्नातक कोर्स शुरू करेगा। जिन विषयों में पीजी शुरू होगा, उसमें एमए राजनीति विज्ञान, एमए समाजशास्त्र और एमए लाइब्रेरी साइंस शामिल हैं। अभी इसमें स्नातक की पढ़ाई होती है, विवि की मंशा बीफार्मा के साथ एमफार्मा का कोर्स संचालित करने की भी है। यह जानकारी विवि के नव नियुक्त कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के माध्यम से दी।
उन्होंने कहा, पहली प्राथमिकता विवि की नैक मूल्यांकन करवाना है। विश्वविद्यालय में मिशन एडमिशन के तहत छात्रों की संख्या को बढ़ाना है। विवि ग्रामीण इलाके में होने से छात्र यहां दाखिला लेने से घबराते हैं। ऐसे में परिवहन मंत्री से अनुरोध कर ग्रामीण इलाकों से विवि तक बस चलाने का निवेदन किया गया है। कुलपति ने डीन एकेडमिक प्रो. सौबान सईद को भाषाओं से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
अगले माह जारी होगा पीएचडी का विज्ञापन
भाषा विवि में पीएचडी में प्रवेश के लिए अगले माह आवेदन विज्ञापन जारी किया जाएगा। विभागाध्यक्षों की ओर से खाली सीटों का ब्योरा पीएचडी समन्वयक और कुलसचिव को दिया जा चुका है। कुलपति ने बताया कि वह जुलाई तक प्रवेश परीक्षा करवाकर दाखिले ले लेंगे। विवि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित विषयों पर शोध करने वाले छात्र-छात्राओं को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी देगा।
शिक्षकों का होगा प्रमोशन, पदों का समायोग भी करेंगे
भाषा विवि में कई वर्षों से लंबित शिक्षकों का कैश प्रमोशन किया जाएगा। मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो रहा था। कार्यपरिषद की संस्तुति के बाद इस पर मुहर लगा दी गई है। अंतिम निर्णय न्यायालय का होगा, जो भी फैसला आएगा उसे माना जाएगा। जिन विभागों में शिक्षकों के सापेक्ष पदों की संख्या अधिक है उनका समायोजन करने के संबंध में कवायद शुरू की जाएगी।