59वीं प्रकाश चंद्र घोष स्मृति अखिल भारतीय पूर्णांग बंगाली नाटक प्रतियोगिता इन दिनों बंगाली क्लब
लखनऊ। शिवाजी मार्ग सि्थत स्थानीय बंगाली क्लब में इन दिनों 59वीं प्रकाश चंद्र घोष स्मृति अखिल भारतीय पूर्णांग बंगाली नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को कालीपुर एक्टिंग लवर्स थिएटर-कोलकाता की ओर से नरोत्तम प्रसाद शील के नाटक चाय तृतीया स्वर का मंचन किया गया।
शाम सात बजे से होनी वाली नाट्य प्रस्तुतियों के अंतर्गत दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 16 प्रतिष्ठित रंगमंडल भाग ले रहे हैं। मंगलवार को ‘चाय तृतीया स्वर’ की कहानी शहर से दूर एक गांव नयनबाड़ी से शुरू होती है जहां प्राइमरी स्कूल के टीचर सनातन महतो रहते हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी उस गांव के लोगों के हितों के लिए समर्पित कर रखी है। एक दिन, पॉलिटिकल सिस्टम और कॉर्पोरेट माफिया के खिलाफ आवाज़ उठाने की वजह से उनकी हत्या हो जाती है। जांच के लिए एक कमीशन बनाया जाता है और शुरू होती है जद्दोजहद। कई तरह के उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए इस नाटक के आखिर में हाशिए पर पड़े नयनबाड़ी को नए पुनरुत्थान के रास्ते पर आगे बढ़ाया जाता है।