रायबरेली। राही क्षेत्र के नरपतगंज मजरे खागीपुर सड़वा गांव में गन्ना विभाग की ओर से शुक्रवार को आयोजित किसान गोष्ठी में नैनो तरल यूरिया और डीएपी के फायदे बताए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि नैनो यूरिया के प्रयोग से किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। इससे मिट्टी और वायुमंडल को कोई नुकसान नहीं होता है।
गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. दीपशिखा ने कहा कि आधा लीटर तरल नैनो यूरिया और डीएपी में 50 किलोग्राम बोरी के सभी तत्व शामिल हैं। इसको किसान आसानी से खेत तक ले जा सकते हैं। इसके प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति खराब नहीं होती है। हैदरगढ़ चीनी मिल से आए संजय श्रीवास्तव, दीपक दीक्षित व राममिलन ने किसानों को गन्ने की फसल से होनेवाले फायदों के बारे में जानकारी दी।
चंद्रमणि कांत सिंह ने बताया कि दानेदार उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी पर गलत प्रभाव पड़ता है। इससे मानव और पर्यावरण को नुकसान होता है। गोष्ठी में रामकुमार, आशाराम, बसंतकुमार, जीवनलाल यादव समेत कई किसान मौजूद रहे।