लखनऊ। बेगम हजरत को उनकी 146वीं यौम-ए-शहादत पर सोमवार को याद किया। बेगम के नाम पर काॅलेज की स्थापना करने और नेपाल स्थित उनकी कब्र पर स्लैब डलवाने की मांग की गई।
बेगम हजरत महल सोसाइटी की ओर से बेगम हजरत महल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद व पूर्व मंत्री आरके चौधरी ने कहा, बेगम हजरत महल 1857 में पहले स्वतंत्रता संग्राम की नायिका थीं। उन्होंने अंग्रेजों से कड़ा मुकाबला किया। उनकी लोकप्रियता की वजह से उन्हें अवध की राजमाता का खिताब दिया गया था।
पूर्व मंत्री सलाउद्दीन मुस्सन ने कहा, अवध की बेटियों के लिए बेगम हजरत महल एक आदर्श हैं। उनकी याद में महिला काॅलेज की स्थापना की जाए। डॉ. सुनीत कुमार मिश्र ने कहा, बेगम की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
अब्दुल नसीर नासिर ने कहा, बेगम हजरत महल की कब्र को देखने मैं नेपाल गया था। वहां कब्र पर टीन की चादर तक नहीं पड़ी है। ऐसे में कब्र पर स्लैब डलवाई जाए। उन्होंने सांसद से लखनऊ सीमा पर बेगम की याद में स्मारक और द्वार बनवाने की अपील की।