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Lucknow News: गजलों और ठुमरी से सजी बेगम अख्तर की जयंती

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भातखंडे में गजलों और ठुमरी की प्रस्तुतियों के साथ मनाई गई बेगम अख्तर की जयंती। 
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लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में बुधवार को गजल और ठुमरी की महान गायिका बेगम अख्तर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनकी बेमिसाल गायकी को सुरों के जरिये याद किया गया। कला मंडपम सभागार में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सांगीतिक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धांजलि दी।
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कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि बेगम अख्तर ने गजल, ठुमरी और दादरा को अपनी विशिष्ट गायकी से नई पहचान दी। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय से उनका जुड़ाव संस्थान के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विवेक सरोज ने बेगम अख्तर के जीवन और संगीत यात्रा पर संवाद से की। शिक्षक विनायक सहाय ने सारंगी पर राग मुल्तानी और ठुमरी हमरी अटरिया पे आ जा रे संवरिया प्रस्तुत की। रिया तिवारी ने अभी फरमान आया है वहां से गजल सुनाई। शिवांगी पांडेय ने कुछ इशारे थे जिन्हें दुनिया समझ बैठे हम गजल प्रस्तुत की। नमन सिंह ने ''''ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया'''' से कार्यक्रम का समापन किया। तबले पर मोहित दुबे, सौरभ सिंह और शुभम भारती ने संगत की। तानपुरे पर अर्पिता पंकज शुक्ल ने अपनी संगत दी। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. सृष्टि माथुर ने किया। कुलसचिव अतुल कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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