लिवर की बीमारी से पीड़ित झांसी के हरिमोहन (40) 24 घंटे तक संजय गांधी पीजीआई से लेकर ट्रॉमा सेंटर और बलरामपुर अस्पताल तक भटकते रहे लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल पाया।
किसी तरह मंगलवार रात को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में जगह मिली लेकिन सुबह राउंड पर आए डॉक्टर ने गंभीरता को देखते हुए फिर से पीजीआई रेफर कर दिया।
मरीज के लिवर में पस पड़ गया है। उसे झांसी से पीजीआई रेफर कर दिया था। मंगलवार को मरीज को लेकर उसकी पत्नी दिपाली और बहनोई बाबूलाल पीजीआई इमरजेंसी पहुंचे थे। कई घंटों के इंतजार के बाद डॉक्टरों ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर जाने की सलाह दी।
दिपाली पति को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंची तो वहां डॉक्टरों ने बलरामपुर अस्पताल जाने के लिए कहा। जबकि बलरामपुर पहुंचने पर कहा गया कि लिवर की बीमारी का इलाज पीजीआई या केजीएमयू में होता है। किसी तरह वहां इमरजेंसी में जगह मिली। रात वहीं बीती। बुधवार सुबह राउंड पर आए डॉक्टर ने हरिमोहन की जांच की और वापस पीजीआई रेफर कर दिया।