लखनऊ। आप हृदय रोग से परेशान है। केजीएमयू में जांच और इलाज कराना चाहते तो अपने दिल को समझाइए कि वो संभल कर रहे। यहां लारी कार्डियोलॉजी विभाग में ईको जैसी अहम जांच के लिए मरीजों दो महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। गंभीर हाल वाले मरीज मजबूरी में निजी केंद्रों पर जांच कराने को विवश हैं।
केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में रोजाना 300 से ज्यादा मरीज आते हैं। इनमें से अधिकतर को ईको और टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) जैसी जांचें लिखी जाती हैं। जांच फीस जमा करने के बाद मरीजों को नंबर देकर दोबारा बुलाया जाता है। गोंडा निवासी रामसुरेश ने बताया कि सीने में दर्द के बाद डॉक्टर ने ईको जांच लिखी, लेकिन उन्हें दो महीने बाद की तारीख दी गई है। वह कहते हैं कि तब तक हालत बिगड़ गई तो हम क्या करेंगे। लखनऊ के राहुल को अपनी मां की टीएमटी जांच के लिए दो दिन बाद की तारीख दी गई। राहुल का कहना है कि इंतजार करने से अच्छा है कि निजी सेंटर पर पैसे खर्च करके तुरंत जांच करा लें। दिल के मामले में जोखिम नहीं उठा सकते।
केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण लंबी वेटिंग लिस्ट बन रही है। संस्थान का प्रयास है कि मरीजों को जांच के लिए कम से कम इंतजार करना पड़े।
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लोहिया संस्थान में राहत
लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग ने लगातार अतिरिक्त समय देकर एक साल में वेटिंग लिस्ट खत्म कर दी है। विभागाध्यक्ष प्रो. भुवन चंद्र तिवारी के मुताबिक, अब मरीज को परामर्श मिलने के बाद उसी दिन जांच और रिपोर्ट मिल जाती है। इससे मरीजों को दौड़भाग से निजात मिल गई है।