लखनऊ। इकाना स्टेडियम में बुधवार को होने वाले भारत-दक्षिण अफ्रीका टी-20 क्रिकेट मैच से खेल प्रेमियों का उत्साह उफान मार रहा है। दूसरी ओर, स्टेडियम के पास और शहीद पथ के दोनों तरफ रहने वाले लोगों का तनाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों की माने तो बुधवार को बीसीसीआई के आयोजन से उनके लिए अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात हो जाएंगे। दोपहर बाद घर से निकलना और निकल गए तो वापस लौटना मुश्किल हो जाएगा।
लोगों ने बताया कि ये सिर्फ बुधवार के मैच से मिलने वाला दर्द नहीं। जब भी इकाना में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच होते हैं, ट्रैफिक डायवर्जन और मैच से पहले व बाद में उमड़ने वाली भारी भीड़ से पूरा इलाका ब्लॉक हो जाता है। शहीद पथ और इकाना आसपास के आसपास रहने वाली एक लाख से ज्यादा की आबादी अपने घरों में कैद हो जाती है।
आम लोगों के लिए बंद हो जाता है रास्ता, बढ़ जाती हैं मुश्किलें
स्थानीय लोगों के अनुसार, गोमतीनगर विस्तार, इकाना और एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए शहीद पथ सबसे सुलभ मार्ग है। इकाना में बड़े आयोजनों के दौरान यह मार्ग आम नागरिकों के लिए लगभग बंद हो जाता है। ट्रैफिक डायवर्जन के चलते लोगों को पांच से सात किलोमीटर तक का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है, वह भी भीषण जाम से जूझते हुए। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों से लेकर एंबुलेंस तक जाम में फंसी रह जाती हैं। कई आयोजनों के दौरान ऐसे हालात देखने को मिल चुके हैं। एयरपोर्ट से आने-जाने के लिए अहिमामऊ और अर्जुनगंज मार्ग के उपयोग की सलाह दी जाती है, लेकिन वहां भी जाम के चलते लोग रास्ता भटक जाते हैं।
दूरदर्शी व्यवस्था पर विचार करे सरकार
शहीद पथ पर इकाना स्टेडियम, बड़े हॉस्पिटल और बड़े-बड़े मॉल पहले से हैं। दोनों ओर लगातार बड़े व्यावसायिक और रिहायशी कॉम्प्लेक्स विकसित हो रहे हैं। स्टेडियम में कोई बड़ा आयोजन होता है, बहुत बड़ी आबादी प्रभावित होती है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार को ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कोई स्थायी और दूरदर्शी व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- वीएन सिंह, पूर्व न्यायाधीश, एमार सिटी, शहीद पथ
घर में बंद रहना ज्यादा ठीक
मैच वाले दिन ट्रैफिक पुलिस शहीद पथ पर जाने वाली गाड़ियों को नीचे उतरने नहीं देती। इस वजह से लोग घर में ही रहना ज्यादा पसंद करते हैं। आरएमएल महिला चिकित्सालय के पास बहुत जाम लगता है। पुलिस मुख्यालय से इकाना तक जाने वाला अंडरपास बेहद संकरा है, जिस पर सर्वाधिक ट्रैफिक लोड रहता है। मैच के समय वह भी बंद हो जाता है।
अविनाश त्रिपाठी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल, ऋषिता मैनहट्टन
प्रशासन बनाए वैकल्पिक व्यवस्था
जिस दिन मैच रहता है, उस दिन यहां के निवासियों को बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। लोग काम पर चले जाएं तो वापस घर नहीं लौट पाते हैं। इमरजेंसी की स्थिति में बेबस हो जाते हैं। शहीद पथ दोनों तरफ काफी जगह है। इकाना के लिए या यहां के निवासियों की सीधी कनेक्टिविटी के बारे में जिम्मेदारों को सोचना चाहिए, जिससे सबको राहत मिल सके।
- पवन जायसवाल, अध्यक्ष, आरडब्ल्यूए, ओमैक्स पैलेस
प्रशासन चाहे तो संभाल ले
इकाना स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मैच होना लखनऊ के लिए गर्व की बात है, लेकिन प्रशासन को ध्यान में रखना चाहिए कि इस क्षेत्र के व्यापारी, आम नागरिक के आवागमन में असुविधा न हो। जैसे-जैसे इस इलाके में आबादी बढ़ रही है, मैच के दौरान समस्याएं बढ़ जाती हैं। लोग घरों में कैद हो जाते हैं। इसके अलावा भी बहुत सी समस्याएं होती हैं।
- प्रेम सागर, पृथ्वीपुरम
ये हो जाएं इंतजाम तो मिले राहत
इकाना से करीब वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित हो। स्टेडियम से पांच से सात किमी दूर निजी वाहनों की पार्किंग बनाई जाए।
बीसीसीआई की ओर दर्शकों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की जाए, जिससे निजी वाहनों का दबाव कम होगा।
शहीद पथ के नीचे अंडरपास की संख्या और बढ़ाई जाए, इससे अभी उपलब्ध अंडरपास पर यातायात का दबाव कम होगा।
इकाना तक एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाए जो शहीद पथ से अलग हो। इसी से क्रिकेट प्रेमियों की आवाजाही हो।
भविष्य में जो भी नया स्टेडियम बने, उसके आसपास आवासीय टाउनशिप डेवलप करने की अनुमति न दी जाए।
मैच के लिए शहीद पथ इलाके में जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग। - फोटो : संवाद
मैच के लिए शहीद पथ इलाके में जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग। - फोटो : संवाद
मैच के लिए शहीद पथ इलाके में जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग। - फोटो : संवाद