लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में अब गंगा घाटी व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों पर शोध हो सकेगा। इसके लिए बुधवार को विवि और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद विश्वविद्यालय में शोध का दायरा बढ़ेगा, जिसका लाभ छात्रों को मिलेगा।
शोधाध्ययन व संरक्षण के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर काम करने से छात्रों को नए-नए शोध करने का मौका मिलेगा। इसके माध्यम से गंगा घाटी और उत्तर प्रदेश के शैलचित्र एवं पुरातत्त्व कला संस्कृति पर शोध अध्ययन किया जाएगा। समझौते के दौरान विवि के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल के साथ डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के प्रतिनिधि डॉ. ऋचा नेगी और डॉ. दिलीप कुमार व इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीएम रवि कुमार उपस्थित रहे।